ऑकलैंड | 11 जुलाई 2026
भारत और न्यूज़ीलैंड के आर्थिक रिश्तों ने शनिवार को एक नया अध्याय लिख दिया। ऑकलैंड में आयोजित भारत-न्यूज़ीलैंड बिजनेस इवेंट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी, निवेश और नवाचार को भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि अब समय केवल व्यापार बढ़ाने का नहीं, बल्कि दोनों देशों की साझा क्षमताओं को जोड़कर वैश्विक विकास का नया मॉडल तैयार करने का है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और न्यूज़ीलैंड के संबंध अब Strategic Partnership के नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने इसे केवल कूटनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि दोनों देशों के साझा भविष्य का मजबूत संकल्प बताया।
रिकॉर्ड समय में हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने महज नौ महीनों में Free Trade Agreement (FTA) को अंतिम रूप देकर नया इतिहास रचा है। उनका कहना था कि यह समझौता व्यापार, निवेश, सेवाओं, तकनीक और प्रतिभा के आदान-प्रदान के नए अवसर खोलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य को हासिल करेंगे।
भारत में 20 अरब डॉलर निवेश करेगा न्यूज़ीलैंड
प्रधानमंत्री ने बताया कि न्यूज़ीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक निवेश नहीं, बल्कि भारत की विकास यात्रा में साझेदारी का भरोसा भी है।
“भारत सिर्फ बाजार नहीं, वैश्विक विकास का लॉन्चपैड”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। तेज़ी से बढ़ता डिजिटल इकोसिस्टम, विशाल उपभोक्ता बाजार, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थिर नीतियां भारत को निवेश के लिए सबसे आकर्षक देशों में शामिल करती हैं।
उन्होंने वैश्विक निवेशकों को संदेश देते हुए कहा—
“India is not only a market; India is a launchpad for global growth.”
मैन्युफैक्चरिंग से स्पेस सेक्टर तक निवेश के बड़े अवसर
प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत को भारत की Production Linked Incentive (PLI) योजना से जुड़ने का निमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि सरकार 14 प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने के लिए लगभग 20 अरब डॉलर का प्रोत्साहन दे रही है।
इसके अलावा उन्होंने एविएशन, एयर कार्गो, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, हॉर्टिकल्चर, डेयरी, फिनटेक, ग्रीन फाइनेंस, स्मार्ट सिटी, वेस्ट मैनेजमेंट और स्पेस सेक्टर में भी भारत-न्यूज़ीलैंड सहयोग की अपार संभावनाओं पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में 400 से अधिक स्पेस स्टार्टअप काम कर रहे हैं और अब एक स्पेस यूनिकॉर्न भी उभर चुका है। दोनों देशों की कंपनियां छोटे उपग्रह, रिमोट सेंसिंग और समुद्री निगरानी जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकती हैं।
कृषि और खाद्य क्षेत्र में भी साझेदारी पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि न्यूज़ीलैंड की कीवी, सेब, शहद और समुद्री उत्पादों की विशेषज्ञता तथा भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार और एग्री-टेक क्षमता को जोड़कर वैश्विक निर्यात के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने फार्म-टू-मार्केट वैल्यू चेन विकसित करने की आवश्यकता भी बताई।
युवा उद्यमियों के लिए दिया खास प्रस्ताव
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच युवा उद्यमियों के आदान-प्रदान का विशेष सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि 35 वर्ष से कम आयु के बिजनेस लीडर्स का प्रतिनिधिमंडल भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच नियमित रूप से आना-जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी वैश्विक व्यापारिक रिश्तों को आगे बढ़ा सके।
उन्होंने कहा कि भारत और न्यूज़ीलैंड मिलकर नवाचार, समृद्धि और वैश्विक सहयोग की नई मिसाल बन सकते हैं।









