राम मंदिर के पहले CEO बने एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, जानिए देवरिया से लेकर वायुसेना तक का सफर 🇮🇳🚩

देवरिया | 3 सितंबर 2026

अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिल गया है। सेवानिवृत्त एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। देवरिया के भाटपाररानी क्षेत्र के भोपतपुरा गांव के रहने वाले जीतेंद्र मिश्रा का भारतीय वायुसेना में लंबा और महत्वपूर्ण करियर रहा है।

वायुसेना में 38 साल से ज्यादा की सेवा

जीतेंद्र मिश्रा 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू दल में कमिशन्ड हुए थे। अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह वेस्टर्न एयर कमांड में एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ के पद पर भी रह चुके हैं।

मिश्रा नेशनल डिफेंस अकादमी, खडकवासला समेत एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज में शिक्षा हासिल कर चुके हैं। उनके पास तीन हजार घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है और उन्होंने कई प्रकार के लड़ाकू विमान तथा हेलीकॉप्टर उड़ाए हैं।

ऑपरेशन सिंदूर से भी रहा जुड़ाव

जीतेंद्र मिश्रा का पिछले वर्ष हुए ऑपरेशन सिंदूर से भी संबंध रहा। इस अभियान के दौरान उनकी भूमिका के लिए उन्हें स्वतंत्रता दिवस पर सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया था। इससे पहले उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक भी मिल चुका है।

बचपन से विमान उड़ाने का था शौक

परिवार के मुताबिक, जीतेंद्र मिश्रा को बचपन से ही विमान उड़ाने में रुचि थी। उनकी शुरुआती शिक्षा गांव में हुई। इसके बाद उन्होंने रक्षा अकादमी पुणे, एयर कमांड एंड स्टॉफ कॉलेज, एयर यूनिवर्सिटी और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज में पढ़ाई की।

दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे पिता

जीतेंद्र मिश्रा के पिता नथुनी मिश्र दिल्ली यूनिवर्सिटी में कॉमर्स विषय के प्रोफेसर थे। परिवार में दो बेटों में जीतेंद्र सबसे बड़े हैं। उनके छोटे भाई डॉ. देवेंद्र मिश्रा मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जबकि बहन डॉ. वंदना मिश्रा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रोफेसर हैं।

जीतेंद्र मिश्रा की मां सरस्वती देवी हैं। उनके पिता नथुनी मिश्र का कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका है।

अब राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी

वायुसेना से सेवानिवृत्ति के बाद अब जीतेंद्र मिश्रा को श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO की जिम्मेदारी मिली है। नई भूमिका में वह ट्रस्ट के कामकाज और मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालेंगे। अपनी नियुक्ति के बाद मिश्रा ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने और लोगों का भरोसा मजबूत करने को प्राथमिकताओं में बताया है।