देहरादून, नागथात | 9 जून 2026
जौनसार-बावर की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और विकास की नई उम्मीदों के बीच सोमवार को नागथात स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री केदार सिंह स्टेडियम में आयोजित जौनसार-बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह-2026 का माहौल उत्साह और उमंग से भर गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय केदार सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जौनसार-बावर क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने समरजेंस मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं डामरीकरण, प्राथमिक विद्यालय नागथात को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने, बागी-खेड़ा-कोटा-तपलाड मार्ग पर यमुना नदी में 60 मीटर स्पैन पुल निर्माण, क्यारापुल-डामटा-म्यूँडा मोटर मार्ग से छामरी एवं जाखणी तक सड़क निर्माण, सकरोल से भोड़ा-भालनू और उटेल होते हुए द्वितीय सिद्धपीठ श्री महासू महाराज थैना तक मोटर मार्ग निर्माण सहित कई अन्य विकास कार्यों की घोषणा की।
इसके साथ ही खबऊ क्षेत्र में यमुना नदी से पम्पिंग पेयजल योजना, जगथान-बुरायला मार्ग से ग्राम उदांवा तक सड़क निर्माण को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) में प्रस्तावित करने तथा द्वीना से बिसोई खुना अलमान तक नए संपर्क मार्ग के निर्माण की भी घोषणा की गई।
जौनसार-बावर में बसती है उत्तराखंड की मूल आत्मा: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री धामी ने श्री महासू देवता को नमन करते हुए कहा कि जौनसार-बावर सांस्कृतिक पुनरुत्थान समिति पिछले 33 वर्षों से इस महोत्सव के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, मेहनतकश, सरल और स्वाभिमानी जनता के लिए विशेष पहचान रखता है। यहां की लोक संस्कृति और सामाजिक एकता आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जौनसार-बावर में उन्हें उत्तराखंड की मूल आत्मा के दर्शन होते हैं। यहां की संस्कृति, परंपराएं, आत्मीयता, सरलता और प्रकृति के प्रति सम्मान राज्य की अमूल्य विरासत है।
🎯 उन्होंने कहा कि जौनसार के रासो की थाप, हारूल की गूंज और बौंद जैसी महान परंपराएं केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं।
जनजातीय समाज के विकास पर सरकार का विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान, शिक्षा और समग्र विकास के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। देशभर में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, वन धन योजना और प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड जनजातीय महोत्सव के माध्यम से जनजातीय संस्कृति और विरासत को एक साझा मंच देने का प्रयास किया है। साथ ही प्रतिवर्ष जनजातीय खेल महोत्सव आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया है।
प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत प्रदेश के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित किया गया है, जहां सड़क, बिजली, पेयजल और इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
शिक्षा, छात्रवृत्ति और बेटियों के लिए सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जहां जनजातीय बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। बाजपुर और चकराता में नए एकलव्य विद्यालयों का निर्माण कार्य भी जारी है।
उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के विद्यार्थियों को प्राथमिक स्तर से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। प्रदेश में वर्तमान समय में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह के लिए ₹50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। वहीं जनजातीय शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड भी स्थापित किया गया है।
चकराता और जौनसार-बावर में तेजी से बढ़ रहा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जौनसार-बावर क्षेत्र में सड़क, पेयजल और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। चकराता क्षेत्र के विकास हेतु लगभग 39 करोड़ रुपये की 56 योजनाओं को स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से 51 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं और शेष योजनाओं को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पूरे क्षेत्र में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 1,300 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं पर कार्य चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग 707 और 707A का चौड़ीकरण युद्धस्तर पर जारी है। कालसी-चकराता मार्ग पर जजरेड क्षेत्र में भूस्खलन की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में भी कार्य हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यू चकराता टाउनशिप हय्यो डांडा पंपिंग योजना पर लगभग 229 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जा रहा है, जिससे भविष्य में क्षेत्र में पेयजल की कमी नहीं होगी। वहीं श्री महासू देवता मंदिर परिसर के भव्य विकास के लिए 120 करोड़ रुपये के मास्टर प्लान पर भी कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, दायित्वधारी गीता राम गौड़, मेला समिति अध्यक्ष नरेश चौहान, महासचिव नरेंद्र तोमर सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।









