🎯 हरिद्वार में गूंजा सनातन संस्कृति का संदेश, मोरारी बापू की श्रीराम कथा में बोले मुख्यमंत्री धामी—’विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनेगा उत्तराखंड’

हरिद्वार | 8 जुलाई

देवभूमि हरिद्वार की पावन धरती बुधवार को आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा से सराबोर नजर आई, जब प्रेमनगर आश्रम में आयोजित पूज्य मोरारी बापू की श्रीराम कथा का भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि हरिद्वार की इस पवित्र भूमि पर उन्हें अद्वितीय आध्यात्मिक सुख और आत्मिक शांति का अनुभव हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने पूज्य मोरारी बापू के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि वे केवल श्रीराम कथा के वाचक नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों, जीवन मूल्यों और सनातन संस्कृति के जीवंत संदेशवाहक हैं। उन्होंने कहा कि बापू ने भारत की आध्यात्मिक विरासत और भारतीय संस्कृति का संदेश दुनिया के अनेक देशों तक पहुंचाया है।

🌍 “वसुधैव कुटुम्बकम्” आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्तमान समय में जब दुनिया युद्ध, हिंसा और आतंकवाद जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है, तब भारत की सनातन संस्कृति का “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश पूरी मानवता को एक नई दिशा देने का कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है और उत्तराखंड सरकार भी देवभूमि को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ तेजी से कार्य कर रही है।

🚩 आध्यात्मिक विकास की योजनाओं पर तेजी से काम

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस दिशा में केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर तथा प्राचीन मंदिरों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देना और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजना है।

📈 चारधाम यात्रा ने तोड़े सभी पुराने रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि चारधाम यात्रा में दो माह के भीतर ही 45 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो अब तक का नया रिकॉर्ड है।

उन्होंने बताया कि हेमकुंड साहिब यात्रा में अब तक 1.5 लाख से अधिक श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं, जबकि कैलाश मानसरोवर यात्रा में भी 55 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहतर सड़क, सुरक्षित यात्रा प्रबंधन और श्रद्धालुओं के बढ़ते विश्वास का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्हें 5 जुलाई को कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रथम दल को रवाना करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है।

🕉️ कुंभ-2027 को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने का संकल्प

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आगामी कुंभ-2027 केवल आस्था का आयोजन नहीं होगा, बल्कि सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति का वैश्विक महापर्व बनेगा। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार “विकास भी, विरासत भी” के मूल मंत्र के साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक गरिमा को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए विश्वास जताया कि संतों के आशीर्वाद और जनसहभागिता से उत्तराखंड आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन आश्रम ऋषिकेश के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, राज्य मंत्री सुनील सैनी, देशराज कर्णवाल, नितिन गौतम, अजीत चौधरी, शोभाराम प्रजापति, आदेश सैनी, जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और श्रद्धालु उपस्थित रहे।