🎯 उत्तराखंड के विकास का नया रोडमैप! नीति आयोग के साथ मुख्यमंत्री धामी की अहम बैठक, स्वास्थ्य से रोजगार तक कई मुद्दों पर मंथन

देहरादून | 9 जुलाई

उत्तराखंड के समग्र और संतुलित विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में नीति आयोग की टीम के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। प्रो. (डॉ.) एम. श्रीनिवास के नेतृत्व में पहुंचे आयोग के प्रतिनिधिमंडल के साथ स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन और राज्य की दीर्घकालिक विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां, पर्वतीय चुनौतियां और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को देखते हुए राज्य के लिए ऐसी नीतियां बनाई जानी चाहिए जो भविष्य की जरूरतों को भी पूरा कर सकें।

🏔️ सिर्फ आबादी नहीं, उत्तराखंड आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भी रखा जाए ध्यान

बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तराखंड जैसे तीर्थ और पर्यटन प्रधान राज्य की विकास योजनाएं केवल स्थायी आबादी के आधार पर नहीं बनाई जा सकतीं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश की स्थायी जनसंख्या की तुलना में हर वर्ष लगभग सात से आठ गुना अधिक लोग उत्तराखंड पहुंचते हैं। इससे स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसलिए नीति निर्माण और संसाधनों के आवंटन में फ्लोटिंग पॉपुलेशन को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

🩺 स्वास्थ्य सेवाओं के साथ स्वास्थ्य शिक्षा पर भी रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर अस्पताल और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

👩‍👧 महिला सशक्तीकरण और बच्चों के बेहतर भविष्य पर जोर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि महिला सशक्तीकरण और बाल विकास राज्य की विकास यात्रा की मजबूत नींव हैं। उन्होंने बच्चों को कुपोषण से मुक्त बनाने और महिलाओं में एनीमिया की समस्या के प्रभावी समाधान के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार कर उसे प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता बताई।

🌱 कृषि, पर्यटन और कौशल विकास में नवाचार आधारित नीतियों की तैयारी

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि कृषि, बागवानी, पर्यटन, जल संसाधन, जैव विविधता और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में नीति आयोग के सहयोग से नियमित सेमिनार और विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श आयोजित किए जाएं। उनका मानना है कि इससे उत्तराखंड की परिस्थितियों के अनुरूप व्यवहारिक और नवाचार आधारित नीतियां तैयार करने में मदद मिलेगी।

💧 जल संरक्षण और स्थानीय रोजगार पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते पर्यावरणीय हालात को देखते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी योजनाओं को व्यापक स्तर पर लागू करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ाने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने और सतत आर्थिक विकास को गति देने के लिए बेहतर नीति निर्धारण और समन्वित प्रयासों पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार और नीति आयोग के बीच बेहतर तालमेल से उत्तराखंड के समग्र विकास को नई गति मिलेगी और राज्य भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम बनेगा।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, अपर सचिव नरेन्द्र भण्डारी, डॉ. संदीप तिवारी, एसीईओ सेतु मनोज पंत, नीति आयोग की सलाहकार एवं कार्यक्रम निदेशक डॉ. सोनिया पंत, उप सचिव दीपक कुमार तथा विशेष कार्याधिकारी डॉ. शोभित कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।