सीएम धामी का बड़ा एक्शन: बिना तैयारी पहुंचे अफसरों को फटकार, 15 जून तक सभी घोषणाएं पूरी करने का अल्टीमेटम

देहरादून | 4 मई 2026

बिना तैयारी बैठक में पहुंचे अफसरों पर फूटा सीएम धामी का गुस्सा 🚨

उत्तराखंड सचिवालय में मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक का माहौल उस वक्त सख्त हो गया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों की लापरवाही पर खुलकर नाराजगी जाहिर की। बिना तैयारी बैठक में पहुंचे अफसरों को मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में चेताया—अब ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी।

“घोषणाएं सिर्फ कागज पर नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए”

सीएम धामी ने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। जनता से किए गए वादे सिर्फ फाइलों में नहीं, धरातल पर नजर आने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभाग 15 जून तक लंबित घोषणाओं के शासनादेश जारी करें और जिन पर आदेश हो चुके हैं, उन पर तुरंत काम शुरू हो।

समन्वय की कमी पर फटकार, जिम्मेदारी तय

बैठक में विभागों के बीच तालमेल की कमी पर भी सीएम का गुस्सा दिखा। उन्होंने कहा कि आपसी समन्वय के अभाव में कई योजनाएं बेवजह अटक रही हैं—जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं।
साथ ही, जिन जगहों पर काम शुरू होने के बावजूद शिलापट्ट नहीं लगे हैं, वहां संबंधित जिलाधिकारी की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए।

“जिला स्तर के काम शासन तक क्यों?”

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो समस्याएं जिला स्तर पर हल हो सकती हैं, उन्हें अनावश्यक रूप से शासन तक लाना प्रशासनिक कमजोरी दर्शाता है। ऐसे मामलों का तत्काल स्थानीय स्तर पर निस्तारण किया जाए।

15 जून से पहले फिर होगी समीक्षा

सीएम धामी ने सभी सचिवों को निर्देश दिए कि 15 जून से पहले एक बार फिर सभी लंबित घोषणाओं की समीक्षा की जाए और हर प्रोजेक्ट की अपडेटेड रिपोर्ट पेश की जाए। साथ ही यह भी पूछा गया कि किस विभाग ने कितने प्रतिशत कार्य पूरे किए हैं।


अल्मोड़ा के चार विधानसभा क्षेत्रों पर खास फोकस 📍

बैठक में अल्मोड़ा जिले के सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर और जागेश्वर क्षेत्रों की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई।

  • सोमेश्वर (90 घोषणाएं): पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
  • सल्ट (69 घोषणाएं): पर्यटन, सड़क और ग्राम्य विकास कार्यों पर जोर
  • रानीखेत (33 घोषणाएं): सड़क, खेल और आधारभूत ढांचे को प्राथमिकता
  • जागेश्वर (48 घोषणाएं): धार्मिक और पर्यटन परियोजनाओं को जल्द पूरा करने पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।


“वादे हर हाल में पूरे होंगे” 🎯

सीएम धामी ने साफ संदेश दिया कि सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ काम कर रही है। हर योजना का लक्ष्य यही है कि जनता को समय पर लाभ मिले और उत्तराखंड विकास के नए आयाम छुए।