रक्षाबंधन पर सीएम धामी का बड़ा ऐलान, 28-29 अगस्त को महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त सफर

देहरादून | रविवार

रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित दो कार्यक्रमों में मातृशक्ति के बीच पहुंचकर पर्व मनाया। चौधरी फार्म और सर्वे स्टेडियम में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

इस दौरान सीएम धामी ने महिलाओं के लिए 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा की घोषणा की। साथ ही महिला सशक्तिकरण के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख किया। 🇮🇳

बहनों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सबसे पहले जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में हिस्सा लिया। इसके बाद हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे।

दोनों स्थानों पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। सीएम धामी ने बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्नेह और आशीर्वाद के लिए आभार जताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों के बीच पहुंचकर उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है, जैसे कोई भाई अपने घर-परिवार के बीच आया हो। उन्होंने मातृशक्ति के स्नेह और विश्वास को अपनी ताकत बताते हुए कहा कि यही उन्हें प्रदेश की सेवा के लिए लगातार प्रेरित करता है।

रक्षाबंधन को नारी सम्मान से भी जोड़ा

सीएम धामी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है। यह विश्वास, स्नेह, समर्पण और सुरक्षा के संकल्प से भी जुड़ा है।

उन्होंने कहा कि यह पर्व रिश्तों में अधिकारों के साथ कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की अहमियत भी याद दिलाता है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, नारी सम्मान केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और संस्कार का आधार है।

उन्होंने कहा कि परिवार की आधारशिला होने के साथ महिलाएं समाज और संस्कृति की भी महत्वपूर्ण शक्ति हैं। जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है, वह समाज समृद्ध और संस्कारित बनता है।

‘मातृशक्ति मजबूत होगी तो समाज भी आगे बढ़ेगा’

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की बड़ी ताकत उसकी मातृशक्ति होती है। महिला सशक्तिकरण का लाभ केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर पूरे समाज और राष्ट्र की प्रगति पर पड़ता है।

उन्होंने कहा कि महिलाएं आज अंतरिक्ष से लेकर देश की सीमाओं तक और घर-परिवार से लेकर उद्योग व व्यवसाय तक अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं। अब उनकी भूमिका केवल सहभागिता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाएं नेतृत्व की जिम्मेदारियों में भी आगे आ रही हैं।

उत्तराखंड की महिलाओं का उल्लेख करते हुए सीएम धामी ने कहा कि पहाड़ की मातृशक्ति ने संघर्ष को अपनी ताकत बनाया है और परिवार, समाज तथा प्रदेश के विकास में अहम योगदान दिया है।

महिला सशक्तिकरण के लिए केंद्र की योजनाओं का जिक्र

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया।

उन्होंने उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और लखपति दीदी अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि इन पहलों के माध्यम से महिलाओं को सुविधा, सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

सीएम धामी ने महिला आरक्षण, शौचालय निर्माण और तीन तलाक के खिलाफ उठाए गए कदमों को भी महिलाओं के अधिकार और सम्मान से जुड़ी पहल बताया।

उत्तराखंड में 5 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना और मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी पहलों के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर दिए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश की करीब 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं।

इसके अलावा प्रदेश में 7 हजार से अधिक ग्राम संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठन भी महिलाओं की सामूहिक क्षमता और नेतृत्व को आगे बढ़ाने में भूमिका निभा रहे हैं।

3 लाख से ज्यादा महिलाएं बनीं लखपति दीदी

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में 3 लाख से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। उनके मुताबिक, इससे महिलाओं ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ सामाजिक और संवैधानिक स्तर पर भी सशक्त बनाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। साथ ही समान नागरिक संहिता के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और समान न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

34 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा

मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार के कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में सरकार ने 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि भर्ती व्यवस्था में सुधार के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि योग्य युवाओं के साथ अन्याय न हो और उनकी मेहनत का परिणाम उनकी योग्यता के आधार पर तय हो।

‘मुख्यमंत्री नहीं, एक भाई के रूप में आपके बीच आया हूं’

रक्षाबंधन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस अवसर पर केवल मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में बहनों के बीच आए हैं।

उन्होंने मातृशक्ति से कहा कि प्रदेश की किसी भी बहन या बेटी को परेशानी हो तो वह अपनी बात मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि समस्या का संज्ञान लेकर उसके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

सीएम धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां बेटियां सुरक्षित हों, बहनें आत्मनिर्भर हों, माताएं सम्मान के साथ जीवन बिताएं और प्रदेश का युवा अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त हो।

28 और 29 अगस्त को महिलाओं को मुफ्त रोडवेज यात्रा 🎯

रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए विशेष घोषणा की। 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में महिलाओं को निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुविधा से महिलाएं रक्षाबंधन के अवसर पर अपने मायके और परिवारजनों से मिलने के लिए आसानी से यात्रा कर सकेंगी।

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म में आयोजित कार्यक्रम में आयोजक जोगिंदर सिंह पुंडीर, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला, अन्य जनप्रतिनिधि और प्रदेशभर से आई बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

वहीं, हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम के कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर, अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

दोनों कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री ने महिलाओं से संवाद किया और कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति का स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास उन्हें प्रदेश की सेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।