नानकमत्ता | 5 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत नानकमत्ता पहुंचे। उन्होंने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में माथा टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा परिसर में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में स्वयं सफाई कर श्रमदान किया। 🧹
मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित नहीं रखने, बल्कि इसे रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने की अपील की।
🙏 गुरुद्वारा साहिब में टेका माथा, प्रबंधक कमेटी ने किया सम्मान
मुख्यमंत्री धामी ने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से उन्हें सरोपा और स्मृति चिह्न भेंट किया गया।
इसके बाद मुख्यमंत्री स्वच्छता कार्यक्रम में शामिल हुए और स्वयं सफाई कर श्रमदान किया।
🧹 धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों की सफाई सभी की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के साथ-साथ आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना भी प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के साथ बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी लगातार स्वच्छता बनाए रखने के प्रयास जरूरी हैं।
मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वच्छता को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने और अपने आसपास के क्षेत्र को साफ रखने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। 📢
🇮🇳 ‘सेवा संकल्प अभियान’ में सेवा और जनभागीदारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के प्रति समर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सेवा, स्वच्छता और जनभागीदारी की भावना को मजबूती मिली है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेश में शुरू हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारा परिसर में स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
🌿 अभियान नहीं, निरंतर आदत बने स्वच्छता
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता को किसी एक कार्यक्रम या अभियान तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसके लिए लगातार जनभागीदारी जरूरी है और हर नागरिक को अपने आसपास के क्षेत्र को साफ रखने में योगदान देना चाहिए।











