बनबसा/चम्पावत | 4 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत के बनबसा में बनबसा-टनकपुर क्षेत्र के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इनमें पट्टे की जमीन के विनियमितीकरण, प्राचीन मंदिरों के सौंदर्यीकरण, टनकपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के विस्तार और अस्थायी मकानों में रह रहे लोगों को पक्के आवास देने से जुड़े फैसले शामिल हैं। 🏗️
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में विकास के साथ स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
📢 पट्टे की जमीन के विनियमितीकरण की प्रक्रिया होगी तेज
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रेणी-1 ‘ख’ के पट्टे और तराई-भाभर स्टेट के पट्टे की भूमि के पट्टेदारों के विनियमितीकरण की कार्रवाई जल्द की जाएगी।
इस घोषणा से ऐसे पट्टेदारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी भूमि से संबंधित विनियमितीकरण की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है।
🛕 शारदा और कैनाल कॉरिडोर में मंदिरों का होगा विकास
बनबसा और टनकपुर के प्राचीन एवं पौराणिक मंदिरों के सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण की भी घोषणा की गई है। यह काम शारदा कॉरिडोर और कैनाल कॉरिडोर के अंतर्गत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार इससे क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
🎓 टनकपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के विस्तार के लिए 2.01 हेक्टेयर जमीन
शिक्षा के क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा की। ए.पी.जे. अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, टनकपुर के विस्तारीकरण के लिए 2.01 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
इससे संस्थान के विस्तार और विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सुविधाओं को विकसित करने का रास्ता खुलेगा।
🏠 सरकारी जमीन पर रह रहे परिवारों को मिलेंगे पक्के घर
बनबसा और टनकपुर के शहरी निकाय क्षेत्रों में लंबे समय से सरकारी भूमि पर कच्चे और अस्थायी भवनों में रह रहे नागरिकों के लिए भी सरकार ने घोषणा की है।
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत ऐसे परिवारों को स्थायी एवं पक्के आवास उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इससे अस्थायी मकानों में रहने वाले परिवारों को बेहतर और सुरक्षित आवासीय सुविधा मिल सकेगी। 🏠
🎯 सीमांत क्षेत्रों के विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। बनबसा और टनकपुर जैसे सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ धार्मिक-पर्यटन स्थलों, शिक्षा और आवास से जुड़े मुद्दों पर भी प्राथमिकता के साथ काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए समग्र और संतुलित विकास की दिशा में लगातार काम कर रही है।











