बाजपुर | 9 अक्टूबर 2026
🌨️ उत्तराखंड के बाजपुर क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे हुई भीषण ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी से देहरादून लौटते समय अपना रुख बाजपुर की ओर किया और प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद खेतों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को फसलों के नुकसान का जल्द आकलन करने और नियमानुसार राहत पहुंचाने की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए।
🌨️ ओलावृष्टि की सूचना मिलते ही बदला कार्यक्रम
शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी से देहरादून लौट रहे थे। इसी दौरान उन्हें बाजपुर में अचानक हुई भीषण ओलावृष्टि और किसानों की फसलों को हुए नुकसान की जानकारी मिली।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने खराब मौसम के बावजूद हेलीकॉप्टर को बाजपुर की ओर ले जाने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया जा सके।
🚁 पहले हवाई सर्वेक्षण, फिर खेतों में पहुंचकर निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर से ओलावृष्टि प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद बाजपुर में उतरकर प्रभावित खेतों का स्थलीय निरीक्षण किया और फसलों को हुए नुकसान की जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधे बातचीत की और उनकी परेशानियों को सुना। मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
📋 अधिकारियों को तत्काल सर्वे के निर्देश
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का विस्तृत सर्वेक्षण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। नुकसान का आकलन जल्द पूरा करने के साथ राहत संबंधी कार्रवाई में भी देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कदम समयबद्ध ढंग से उठाए जाएं।
🌾 किसानों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। किसानों के हितों की रक्षा करना और उन्हें हरसंभव मदद उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित किसानों की समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और तत्परता से काम करने को कहा। साथ ही नुकसान के आकलन से लेकर राहत उपलब्ध कराने तक की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न होने देने के निर्देश दिए।










