बागेश्वर में बाल विज्ञान महोत्सव का आगाज, CM धामी ने की ₹1 करोड़ की घोषणा; AI से जुड़ेंगी STEM लैब्स

बागेश्वर | 9 अक्टूबर 2026

🔬 उत्तराखंड के छह सीमांत पर्वतीय जिलों के 240 चयनित बाल वैज्ञानिक अपनी प्रतिभा और वैज्ञानिक सोच के साथ पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव में हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर में दो दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ किया और विज्ञान, शोध व नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की।

🚀 हर विकासखंड में लैब ऑन व्हील्स की दिशा में काम

बागेश्वर के मंडलसेरा स्थित विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के तत्वावधान में आयोजित महोत्सव में मुख्यमंत्री ने विज्ञान शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया।

उन्होंने राज्य की STEM लैब्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ने और प्रदेश के सभी विकासखंडों में एक-एक लैब ऑन व्हील्स स्थापित करने की दिशा में काम करने की घोषणा की। इसके साथ ही उत्तराखंड के सभी जनपदों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की गई।

🧑‍🔬 छह जिलों के 240 बाल वैज्ञानिक ले रहे हिस्सा

दो दिवसीय महोत्सव में चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के 240 चयनित बाल वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी जिज्ञासाओं के जवाब दिए। उन्होंने बच्चों को खूब पढ़ने, नए विचारों पर काम करने और सवाल पूछने की आदत बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि आज के बाल वैज्ञानिक भविष्य में देश के वैज्ञानिक, इंजीनियर और शोधकर्ता बन सकते हैं। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवा पीढ़ी की अहम भूमिका होगी।

🤖 AI, रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यालयों में विज्ञान एवं तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक से जोड़ना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों में विज्ञान महोत्सवों को विद्यार्थियों की प्रतिभा सामने लाने का माध्यम बताया। उनके अनुसार, ऐसे आयोजन बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करने में मदद करते हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने महिला विकास एवं विज्ञान विषय पर सम्मेलन आयोजित करने की बात भी कही।

🏙️ देहरादून में साइंस सिटी, चंपावत में साइंस सेंटर

मुख्यमंत्री ने विज्ञान एवं तकनीक के जरिए सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, नवाचार और स्मार्ट कृषि को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने बताया कि देहरादून में साइंस सिटी और चंपावत में साइंस सेंटर विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के प्रयासों का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, मौन पालन और होमस्टे जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

🏆 उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मान

महोत्सव के दौरान विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में कविता हरकोटिया, दीप चंद जोशी, हरिमोहन ऐठाणी और ख्याली दत्त शामिल रहे।

इस महोत्सव के माध्यम से सीमांत पर्वतीय जिलों के विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के प्रति अपनी रुचि को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।