नोएडा | 5 अक्टूबर 2026
नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा परिसर में 28 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन की मौत के मामले में पुलिस की जांच जारी है। शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद, बेटे के इलाज पर हुआ भारी खर्च, कर्ज और मानसिक तनाव जैसे कई पहलू सामने आए हैं। पुलिस संभव की चैट, मोबाइल में मिले वीडियो और CCTV समेत उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एलिमनी और वैवाहिक कानूनों के कथित दुरुपयोग को लेकर भी बहस तेज हो गई है। हालांकि, इस मामले में अभी किसी एक वजह को पुलिस ने अंतिम कारण नहीं बताया है।
🔎 क्या है संभव जैन मामला?
पुलिस के अनुसार, गुरुग्राम के मानेसर निवासी संभव जैन अकेले नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा परिसर में पहुंचे थे। उन्होंने वहां एक दिन के लिए Airbnb बुक किया था। 3 अक्टूबर 2026 को उनकी मौत हुई।
शुरुआती पुलिस जांच में सामने आया कि संभव पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे। उनके पिता के साथ हुई चैट में आर्थिक परेशानियों और कर्ज से जुड़ी बातें सामने आने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस और FSL टीम ने घटनास्थल की जांच की है। CCTV फुटेज और मोबाइल फोन में उपलब्ध सामग्री को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
👶 बेटे का समय से पहले जन्म, इलाज पर करीब 40 लाख खर्च
पुलिस की शुरुआती जांच और परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक, संभव की शादी 2024 में हुई थी। 2025 में उनके बेटे का जन्म हुआ, लेकिन बच्चा सातवें महीने में ही पैदा हुआ और उसे लंबे समय तक इलाज की जरूरत पड़ी।
परिवार के अनुसार, बच्चे के इलाज पर करीब 40 लाख रुपये खर्च हो चुके थे और इलाज का खर्च आगे भी जारी था। इसी दौरान संभव पर अन्य आर्थिक देनदारियां होने की बात भी सामने आई है।
⚖️ तलाक और एलिमनी को लेकर क्या सामने आया?
पुलिस के मुताबिक बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद पति-पत्नी के बीच मतभेद बढ़े और मामला तलाक तक पहुंच गया।
यहां सोशल मीडिया पर चल रहे 3 करोड़ रुपये की एलिमनी के दावे को लेकर खास सावधानी जरूरी है। पुलिस अधिकारी सुमनेश कुमार ने इस दावे को गलत बताया है।
पुलिस को परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच करीब 15 लाख रुपये में सेटलमेंट हुआ था। इसमें लगभग 7 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका था, जबकि करीब 7.50 लाख रुपये की दूसरी किस्त बाकी बताई गई।
यानी वायरल हो रहे 3 करोड़ रुपये के दावे को इस समय तथ्य के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा।
💬 पिता से आखिरी बातचीत भी जांच का हिस्सा
पुलिस के मुताबिक, घटना से पहले संभव ने अपने पिता के साथ चैट की थी। बातचीत में उन्होंने कर्ज चुकाने की बात कही थी। पिता ने उन्हें घर वापस आने के लिए कहा और परिवार की ओर से स्थिति संभालने का भरोसा दिया था।
पुलिस को संभव के मोबाइल से एक वीडियो भी मिला है। चैट, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
⚠️ महिलाओं की सुरक्षा वाले कानूनों के दुरुपयोग पर क्यों छिड़ी बहस?
संभव जैन की मौत के बाद एक बार फिर यह सवाल सोशल मीडिया और सार्वजनिक बहस में उठ रहा है कि महिलाओं को घरेलू हिंसा, दहेज और वैवाहिक क्रूरता से सुरक्षा देने वाले कानूनों का अगर कहीं गलत इस्तेमाल होता है, तो उसके लिए पर्याप्त कानूनी सुरक्षा और जांच की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
मौजूदा कानूनों में महिला को वैवाहिक क्रूरता से सुरक्षा देने का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 और 86 में है। धारा 85 पति या पति के रिश्तेदार द्वारा महिला के साथ क्रूरता को दंडनीय बनाती है, जबकि धारा 86 ‘क्रूरता’ की परिभाषा देती है।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट भी दुरुपयोग को लेकर दे चुका है चेतावनी
महत्वपूर्ण बात यह है कि कानून के दुरुपयोग की चिंता केवल सोशल मीडिया की बहस तक सीमित नहीं है। सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में IPC की पुरानी धारा 498A के संदर्भ में कहा था कि वैवाहिक विवादों में अस्पष्ट और सामान्य आरोपों के आधार पर पति या उसके परिवार को आपराधिक प्रक्रिया में घसीटना कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग का कारण बन सकता है। साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वास्तविक क्रूरता का सामना कर रही महिला को शिकायत करने से रोका नहीं जाना चाहिए।
एक अन्य 2025 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि पति के परिवार के सदस्यों को बिना उनकी विशिष्ट भूमिका के अनावश्यक रूप से आपराधिक मामलों में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
📌 ऐसे मामलों में पहले भी सामने आए हैं पुरुषों की मौत के मामले
पिछले कुछ समय में ऐसे कई मामले राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए, जिनमें पुरुषों ने आत्महत्या से पहले पत्नी या ससुराल पक्ष पर उत्पीड़न, वैवाहिक विवाद या आर्थिक मांगों के आरोप लगाए। हालांकि, इन मामलों में आरोपों को अदालत द्वारा अंतिम रूप से सही ठहराया गया हो, ऐसा हर मामले में नहीं है।
1️⃣ अतुल सुभाष मामला
दिसंबर 2024 में बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष की मौत के बाद उनके द्वारा रिकॉर्ड किया गया वीडियो और लिखा गया नोट सार्वजनिक चर्चा का विषय बना। उन्होंने पत्नी और ससुराल पक्ष पर उत्पीड़न तथा कानूनी मामलों के जरिए दबाव बनाने के आरोप लगाए थे। बाद में उनकी पत्नी और परिवार के कुछ सदस्यों को पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार किया था।
2️⃣ पुनीत खुराना मामला
दिसंबर 2024 के अंत में दिल्ली के कारोबारी पुनीत खुराना की मौत हुई। वह अपनी पत्नी के साथ तलाक और कारोबारी विवाद से गुजर रहे थे। उनकी ओर से रिकॉर्ड किए गए वीडियो में पत्नी और ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की।
3️⃣ पेटारू गोल्लापल्ली मामला
जनवरी 2025 में कर्नाटक के हुब्बली में पेटारू गोल्लापल्ली की मौत का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार उन्होंने एक नोट छोड़ा था जिसमें पत्नी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक उनकी पत्नी ने तलाक के लिए 20 लाख रुपये की मांग की थी। बाद में इस मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में भी आत्महत्या और वैवाहिक मुकदमेबाजी से जुड़ी परिस्थितियों का उल्लेख आया।
📊 देश में आत्महत्याओं के आंकड़े क्या बताते हैं?
NCRB के 2023 के आंकड़ों के अनुसार भारत में कुल 1,71,418 आत्महत्याएं दर्ज हुई थीं। इनमें करीब 72.8% पुरुष और 27.2% महिलाएं थीं। सरकारी आंकड़ों में आत्महत्या के प्रमुख कारणों में पारिवारिक समस्याएं, बीमारी और दिवालियापन/कर्ज जैसी परिस्थितियां भी शामिल हैं।
इसलिए पुरुष आत्महत्या के मुद्दे को केवल वैवाहिक कानूनों के चश्मे से देखना भी सही नहीं होगा। आर्थिक दबाव, पारिवारिक विवाद, बीमारी और मानसिक स्वास्थ्य जैसे कई कारण एक साथ भूमिका निभा सकते हैं।
🔍 अब संभव जैन केस में आगे क्या?
नोएडा पुलिस फिलहाल संभव जैन की मौत से जुड़े मोबाइल चैट, वीडियो, CCTV और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। परिवार और संबंधित लोगों से मिली जानकारी को भी जांच में शामिल किया जा रहा है। फिलहाल उपलब्ध पुलिस जानकारी के आधार पर कर्ज, बच्चे के इलाज का खर्च, पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव जांच के प्रमुख पहलू हैं।
इस मामले में अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।










