देहरादून | 2 अक्टूबर 2026
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं को सरकार की जिम्मेदारी बताया। इस दौरान उन्होंने 9,93,886 पेंशनरों को ₹147 करोड़ 34 लाख 53 हजार की सितंबर माह की पेंशन वन क्लिक के माध्यम से जारी की। 👴🇮🇳
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में दिव्यांगजन सिविल सर्विस कोचिंग का शुभारंभ किया और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 23 वरिष्ठ नागरिकों समेत निबंध एवं पेंटिंग प्रतियोगिता में चयनित 5 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।
👴 “वृद्धजन परिवार के सुरक्षाकवच”
मुख्यमंत्री धामी ने वरिष्ठ नागरिकों को परिवार और समाज की महत्वपूर्ण विरासत बताते हुए कहा कि उनके अनुभवों से नई पीढ़ी को जीवन की समझ और संस्कार मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों की मौजूदगी परिवार में अपनापन और आत्मीयता का भाव पैदा करती है। उनके अनुसार, वृद्धजन परिवार के सुरक्षाकवच होते हैं और उनके कारण घर में अनुशासन बना रहता है।
मुख्यमंत्री ने अपने माता-पिता के संस्कारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके स्वर्गीय पिता की सीख आज भी उनका मार्गदर्शन करती है, जबकि उनकी माता का आशीर्वाद उन्हें शक्ति देता है।
💰 9,93,886 पेंशनरों को ₹147.34 करोड़ का भुगतान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वन क्लिक के माध्यम से सितंबर माह की पेंशन राशि जारी की। इसके तहत प्रदेश के 9,93,886 पेंशनरों को कुल ₹147 करोड़ 34 लाख 53 हजार की पेंशन का भुगतान किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को प्रतिमाह ₹1,500 की पेंशन प्रदान कर रही है। इसमें पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन का लाभ दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 9 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को ₹147 करोड़ से अधिक की पेंशन उपलब्ध कराई जा रही है।
🏠 वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हैं। वहीं देहरादून, अल्मोड़ा और चम्पावत में नए वृद्धाश्रम भवनों का निर्माण कराया जा रहा है।
इसके अलावा हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल सहित विभिन्न क्षेत्रों में गैर-सरकारी संगठनों द्वारा भी वृद्धाश्रम संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सोच है कि वरिष्ठजनों को वृद्धाश्रम के बजाय परिवार के बीच सम्मान के साथ रहने का अवसर मिलना चाहिए।
🛡️ वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और कल्याण की योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम लागू किया गया है।
उन्होंने दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के माध्यम से वरिष्ठजनों के लिए निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, केंद्र सरकार के सहयोग से अटल वयो अभ्युदय योजना के जरिए वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और समग्र विकास के लिए काम किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से वरिष्ठजनों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है।
🌱 “एक पेड़ मां के नाम” के तहत किया पौधारोपण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थित लोगों को वरिष्ठजनों के कल्याण के लिए कार्य करने की शपथ दिलाई। इसके बाद उन्होंने परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण भी किया। 🌱
🎖️ 23 वरिष्ठ नागरिक और 5 छात्र-छात्राएं सम्मानित
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 23 वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही निबंध एवं पेंटिंग प्रतियोगिता में चयनित 5 छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कार प्रदान किए गए।
समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर वृद्धजनों के सम्मान में यह दूसरा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में बड़ों के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाने और युवाओं से वरिष्ठजनों का सम्मान व सहयोग करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी राम चंद्र गौड़, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद बिष्ट, सचिव श्रीधर बाबू अद्वांकी, निदेशक संजय कुमार, निदेशक जनजाति कल्याण संजय सिंह टोलिया, संयुक्त निदेशक जी.आर. नौटियाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।










