मॉस्को | 21 सितंबर 2026
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर ड्रोन हमलों ने तनाव बढ़ा दिया है। 20 सितंबर को मॉस्को और उसके आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए गए। रूसी अधिकारियों के मुताबिक हमले में एक तेल रिफाइनरी और एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा है।
मॉस्को की ओर सैकड़ों ड्रोन आने का दावा
रूस के अधिकारियों के अनुसार, शनिवार से रविवार के बीच 1,600 से अधिक ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया, जिनमें करीब 450 ड्रोन मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने इसे राजधानी पर हुए बड़े ड्रोन हमलों में से एक बताया।
हमले के दौरान मॉस्को की तेल रिफाइनरी के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा। घटनास्थल से धुएं का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया। रूसी अधिकारियों ने बताया कि एक ड्रोन के रिहायशी इमारत से टकराने के बाद भी नुकसान हुआ।
तीन लोगों की मौत की जानकारी
मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के मुताबिक हमले से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई। एक 21 मंजिला इमारत को नुकसान पहुंचने के बाद करीब 400 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जिनमें बच्चे भी शामिल थे।
रूस ने चुनाव को बाधित करने का लगाया आरोप
यह हमला रूस के संसदीय चुनाव के अंतिम दिन हुआ। मॉस्को के मेयर सोबयानिन ने आरोप लगाया कि हमले का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालना था। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह प्रयास सफल नहीं हुआ। यह रूस का आरोप है; यूक्रेन ने हमले को लेकर अलग-अलग बयानों में अपनी लंबी दूरी की सैन्य कार्रवाई का उल्लेख किया है।
यूक्रेन की ओर से राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के लंबी दूरी के हमलों का मॉस्को क्षेत्र पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा। यूक्रेनी पक्ष ने रूसी सैन्य क्षमता और युद्ध से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की बात कही है।
यूक्रेन में भी रूसी हमले जारी
इसी दौरान यूक्रेन के अधिकारियों ने भी रूसी हमलों में नागरिकों के मारे जाने की जानकारी दी। कीव क्षेत्र में एक रूसी ड्रोन हमले में एक महिला और उसके दो छोटे बच्चों की मौत की सूचना सामने आई। इस तरह दोनों देशों के बीच लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइल हमले लगातार जारी हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा और सैन्य ढांचे को निशाना बनाकर हो रहे हमलों से युद्ध का असर दोनों देशों के भीतर भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। मॉस्को की तेल रिफाइनरी पर हुआ हमला इसी बढ़ते हवाई संघर्ष की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।









