देहरादून/पंतनगर | सोमवार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहकारिता अहम भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं और मातृशक्ति को सहकारिता से जोड़कर गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। 🌱
मुख्यमंत्री ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित श्री लक्ष्मणराव इनामदार द्वितीय सहकारिता नेतृत्व प्रशिक्षण वर्ग के शुभारंभ सत्र को संबोधित किया।
🎯 मजबूत नेतृत्व से मजबूत होंगे एम-पैक्स
मुख्यमंत्री ने सहकार भारती के संस्थापक श्रद्धेय लक्ष्मणराव इनामदार की जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में नेतृत्व प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व से एम-पैक्स मजबूत होंगे, मजबूत एम-पैक्स से गांव मजबूत होंगे और मजबूत गांवों से उत्तराखंड समृद्ध बनेगा।
पंतनगर से सहकारिता को नई दिशा देने की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर की ज्ञानभूमि से सहकारिता को नई दिशा देने वाली कई पहल शुरू की गई हैं। इनमें सहकार ग्रंथ का लोकार्पण, देवभूमि सारथी राज्य सहकारी संघ की पहल, सहकारिता के क्षेत्र में नए पाठ्यक्रम की शुरुआत, युवाओं को जोड़ने के लिए सोशल मीडिया रील्स अभियान और एम-पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं।
उन्होंने इन पहलों के लिए सहकारिता विभाग, पंतनगर विश्वविद्यालय और सहकार भारती को शुभकामनाएं दीं।
पलायन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की चुनौतियों में सहकारिता की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को ‘सहकार से समृद्धि’ की दिशा में आगे बढ़ाना है। पर्वतीय राज्य में सहकारिता के माध्यम से कई स्थानीय चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पलायन रोकने, पर्वतीय कृषि को मजबूत करने, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
एम-पैक्स के जरिए किसानों और युवाओं को अवसर
मुख्यमंत्री के अनुसार, पैक्स राज्य की सहकारिता व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। बदलती जरूरतों को देखते हुए इन्हें एम-पैक्स के रूप में अधिक सक्षम और प्रभावी बनाने का काम किया जा रहा है।
सरकार एम-पैक्स के माध्यम से किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने और ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
नेतृत्व प्रशिक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि एम-पैक्स को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व जरूरी है। इसी उद्देश्य से नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केवल जानकारी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नेतृत्व को नई सोच, कार्यदृष्टि और दिशा देने का माध्यम भी है।
🇮🇳 किसान, युवा और मातृशक्ति सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों, युवाओं और मातृशक्ति को सहकारिता से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सहकारिता को केवल समितियों तक सीमित रखने के बजाय इसे जनभागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रयास है कि सहकारिता का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और विकास की प्रक्रिया में अधिक से अधिक लोग सहभागी बनें।
प्रतिनिधियों से अधिक लोगों को जोड़ने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में सहकारिता की भावना को मजबूत करने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सहकारिता को जन-जन की शक्ति बनाकर गांवों को सशक्त करने, युवाओं को अवसर देने और किसानों की आर्थिक शक्ति बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय पंतनगर के कुलपति श्री शिवेन्द्र कुमार कश्यप, सहकार भारती के राष्ट्रीय महासचिव श्री दीपक चौरसिया, प्रदेश अध्यक्ष श्री विनोद कुमार गौड़, संगठन मंत्री श्री मणिराम नौटियाल, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री सुधीर कुमार जोशी सहित डॉ. बृजेश और डॉ. दिनेश कुमार सिंह वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।










