बदरीनाथ में गूंजा देवभूमि की लोक संस्कृति का रंग, सेना और स्थानीय लोगों के बीच बढ़ा संवाद

बदरीनाथ धाम | रविवार

श्री बदरीनाथ धाम में आयोजित दो दिवसीय ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026’ का रविवार को समापन हो गया। ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ थीम पर हुए इस आयोजन में भारतीय सेना, स्थानीय नागरिकों, युवाओं, विद्यार्थियों और कलाकारों ने भागीदारी की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में पहुंचकर सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं और उपविजेताओं को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान उसकी लोक संस्कृति से है और नई पीढ़ी को अपनी भाषा, परंपराओं और जड़ों से जोड़ना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। 🇮🇳

🎭 सेना और स्थानीय लोगों के बीच जुड़ाव का मंच बना महोत्सव

बदरीनाथ धाम के टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में भारतीय सेना और जिला प्रशासन चमोली के संयुक्त तत्वावधान में ऑपरेशन सद्भावना के तहत इस महोत्सव का आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन भारतीय सेना और स्थानीय नागरिकों के बीच सहयोग, समन्वय और आपसी जुड़ाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने महोत्सव में माणा गांव के ग्रामीणों की ओर से प्रस्तुत पारंपरिक कार्यक्रम की भी सराहना की।

🛕 नंदा अष्टमी पर बामणी गांव भी पहुंचे CM

महोत्सव में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बामणी गांव पहुंचकर नंदा अष्टमी के अवसर पर आयोजित उत्सव में ग्रामीणों के साथ भाग लिया।

उन्होंने ग्रामीणों को नंदा अष्टमी की शुभकामनाएं दीं और उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

🧶 स्थानीय उत्पादों और पहाड़ी व्यंजनों के स्टॉल देखे

महोत्सव परिसर में स्थानीय उत्पादों, महिला स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और अन्य वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई थी।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों तथा पहाड़ी व्यंजनों के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन्हें पर्यटन से जोड़ने पर सीमांत क्षेत्रों में आजीविका और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

🪖 सैन्य प्रदर्शनी में आधुनिक हथियारों की जानकारी ली

महोत्सव में भारतीय सेना की ओर से सैन्य प्रदर्शनी भी लगाई गई। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए अत्याधुनिक हथियारों और सैन्य उपकरणों के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां युवाओं को भारतीय सेना की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के साथ राष्ट्र सेवा और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का माध्यम बनती हैं।

🌿 ‘विकास भी, विरासत भी’ पर सरकार का जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूल मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। संस्कृति और विरासत के संरक्षण के साथ विकास कार्यों को भी गति दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान के तहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। कठिन भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के दौरान उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक विरासत को साथ लेकर चलना जरूरी है।

🏔️ सीमांत गांवों में सुविधाओं और रोजगार पर फोकस

मुख्यमंत्री ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्रों में सड़क, बिजली, दूरसंचार, पर्यटन और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

माणा, नीति और जादुंग जैसे सीमांत क्षेत्रों को पर्यटन और आजीविका से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमांत इलाकों से पलायन रोकना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

🍎 मिलेट से लेकर होम स्टे तक कई क्षेत्रों पर जोर

मुख्यमंत्री के अनुसार स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, होम स्टे, कृषि, बागवानी, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मधुमक्खी पालन, सुगंधित पौधों और स्थानीय मसालों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इसके अलावा शीतकालीन पर्यटन, साहसिक पर्यटन और ‘वेडिंग इन उत्तराखण्ड’ जैसी पहलों पर भी जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 3.10 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों, पहाड़ी व्यंजनों और हस्तशिल्प के जरिए आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

📈 निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पर्यटन, आयुष, वेलनेस, आईटी और सौर ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया की रैंकिंग में उत्तराखंड को ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है। वहीं नीति आयोग के SDG इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की यात्रा में अपनी संस्कृति और जड़ों को साथ लेकर आगे बढ़ना जरूरी है। लोक भाषाओं, लोक गीतों, लोक नृत्यों, पारंपरिक वेशभूषा, मेलों और पर्वों का संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

🙏 संतों और श्रद्धालुओं का जताया आभार

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत समाज का आशीर्वाद और मार्गदर्शन समाज एवं राष्ट्र के लिए प्रेरणादायी रहा है। ऐसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से सनातन परंपराओं, संस्कृति और जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।

उन्होंने महोत्सव में शामिल संतों, सेना के जवानों एवं अधिकारियों, स्थानीय नागरिकों, युवाओं, विद्यार्थियों, कलाकारों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए भारतीय सेना, जिला प्रशासन चमोली और आयोजकों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने भगवान बदरीविशाल से सभी के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। 🙏

👥 ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में जीओसी-इन-सी सेंट्रल कमान लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, जीओसी उत्तर भारत एरिया लेफ्टिनेंट जनरल डी.जी. मिश्रा, दर्जा मंत्री हरक सिंह, ब्रिगेडियर गौरव बत्रा, माधव प्रसाद सेमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह बर्त्वाल, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह रावत, भाजपा जिला महामंत्री विनोद कनवासी, अरुण मैठाणी, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार सहित भारतीय सेना के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक, युवा, विद्यार्थी और विभिन्न क्षेत्रों से आए अतिथि मौजूद रहे।