बदरीनाथ धाम | रविवार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे और भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। 🙏
पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों को सभी काम तय मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
🛕 श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ धाम की गरिमा का ध्यान
मुख्यमंत्री ने आस्था पथ समेत विभिन्न निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति देखी और संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाओं के साथ बदरीनाथ धाम की धार्मिक, आध्यात्मिक और पारंपरिक गरिमा का भी विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में धाम की पारंपरिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक स्वरूप के संरक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
🏗️ बदरीनाथ को भव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री बदरीनाथ धाम को उसके धार्मिक और पौराणिक महत्व के अनुरूप भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मास्टर प्लान के तहत विकसित की जा रही सुविधाओं से धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने यह भी कहा कि विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। 🎯
📖 बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव में पहुंचे CM धामी
मास्टर प्लान के कार्यों का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के तत्वावधान में आयोजित ‘बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव’ में भी हिस्सा लिया।
महोत्सव में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए 150 से अधिक संत-साध्वी और 1200 से अधिक हरिभक्त शामिल हुए। कार्यक्रम में श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के पूज्यपाद महंत स्वामी श्री देवप्रसाददास जी स्वामी और पूज्यपाद सद्गुरुवर्य धर्मवल्लभदास जी स्वामी सहित बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु मौजूद रहे।
🙏 बदरीनाथ को बताया आध्यात्मिक विरासत का प्रमुख केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम की यात्रा अपने आप में एक विशिष्ट आध्यात्मिक अनुभूति है। संतों और श्रद्धालुओं के बीच आयोजित कथा महोत्सव में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
उन्होंने बदरीनाथ धाम को भारत की सनातन चेतना और आध्यात्मिक विरासत का प्रमुख केंद्र बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार भारतीय शास्त्रों में भी इस धाम की महिमा का विशेष वर्णन मिलता है और यह क्षेत्र लंबे समय से तप, साधना एवं आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रहा है।
🇮🇳 तीर्थस्थलों की सुविधाओं के विस्तार का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्राचीन विरासत, सनातन संस्कृति और आस्था से जुड़े केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार करने के साथ उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
🌄 उत्तराखंड के विकास में तीर्थस्थलों की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की भूमि से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था। राज्य सरकार इस संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
उन्होंने उत्तराखंड की प्राकृतिक और आध्यात्मिक संपदा का उल्लेख करते हुए चारधाम, गंगा-यमुना, हिमालय और हेमकुंड साहिब सहित विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों को देवभूमि की पहचान बताया।
मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार का प्रयास है कि इन तीर्थस्थलों का विकास श्रद्धालुओं की जरूरतों के अनुरूप व्यवस्थित तरीके से हो और साथ ही उनकी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा भी बनी रहे।
🧘 संत समाज के मार्गदर्शन को बताया प्रेरणादायी
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत समाज का आशीर्वाद और मार्गदर्शन समाज एवं राष्ट्र के लिए हमेशा प्रेरणा देता रहा है। उनके अनुसार इस तरह के आध्यात्मिक आयोजनों के माध्यम से सनातन परंपराओं, संस्कृति और जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलती है।
उन्होंने कथा महोत्सव में शामिल संतों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
👥 ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्री हरक सिंह, श्री माधव प्रसाद सेमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गजपाल सिंह बर्त्वाल, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष श्री गजेन्द्र सिंह रावत, भाजपा जिला महामंत्री श्री विनोद कनवासी, श्री अरुण मैठाणी, जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री सुरजीत सिंह पंवार समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।











