देहरादून | 14 सितंबर 2026
🙏 उत्तराखंड में चारधाम यात्रा-2026 के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में जिलाधिकारियों से यात्रा मार्गों, यातायात, स्वास्थ्य और सुरक्षा की स्थिति की जानकारी ली गई।
अब तक 66,07,749 यात्रियों का पंजीकरण हो चुका है, जबकि 14 सितंबर 2026 की शाम 7 बजे तक 50,56,160 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने मौसम, भूस्खलन और यातायात दबाव वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।
संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी
मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर मौसम और भूस्खलन की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने को कहा गया।
🚨 किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू हो सके, इसके लिए आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
होल्डिंग एरिया में सुविधाएं दुरुस्त रखने पर जोर
यात्रा मार्गों पर बढ़ने वाले यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया में जरूरी सुविधाओं को सुव्यवस्थित रखने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से ऐसी यातायात व्यवस्था बनाने को कहा, जिससे श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
यमुनोत्री में 500 मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव
🐴 यमुनोत्री धाम में भीड़ और आवागमन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने धाम से लगभग 500 मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित करने के निर्देश दिए।
डंडी-कंडी सेवाओं को व्यवस्थित करने और खरसाली से वैकल्पिक मार्ग के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा गया। पैदल मार्ग पर यात्रियों और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के साथ सूर्यकुंड क्षेत्र में प्रभावी भीड़ प्रबंधन पर जोर दिया गया।
घोड़े-खच्चरों के संचालन में नियमों का पालन जरूरी
मुख्यमंत्री ने घोड़े-खच्चरों के संचालन से जुड़े निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन कराने को कहा। पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा और भैरव ग्लेशियर क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों, घोड़े-खच्चरों और डंडी-कंडी की आवाजाही व्यवस्थित रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
यमुनोत्री और गंगोत्री मार्ग पर काम तेज करने को कहा
मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री पैदल मार्ग के चौड़ीकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गंगोत्री मार्ग पर चौड़ीकरण और गड्ढामुक्त करने के काम में भी तेजी लाने को कहा गया।
भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी और स्यानाचट्टी में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
ज्योतिर्मठ-मारवाड़ी मार्ग पर बेहतर यातायात प्रबंधन के साथ सड़क बंद होने की स्थिति में उसे जल्द खोलने के लिए जरूरी मशीनरी उपलब्ध रखने को कहा गया।
केदारनाथ-बदरीनाथ मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता
🏥 चारों धामों में मौसम की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए अलाव सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने खासतौर पर श्री केदारनाथ और श्री बदरीनाथ यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने को कहा। चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छता से लेकर पेयजल तक व्यवस्था पर नजर
यात्रा मार्गों पर स्वच्छता व्यवस्था बेहतर रखने और घोड़े-खच्चरों की लीद के उचित निस्तारण को सुनिश्चित करने को कहा गया। श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था प्रभावी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
इसके साथ ही यात्रा मार्गों पर पर्याप्त शौचालय, पेयजल, विद्युत, प्रकाश और शटल सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। शौचालयों की नियमित सफाई और औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।
नेटवर्क समस्या वाले क्षेत्रों में इमरजेंसी कम्युनिकेशन
📡 मोबाइल नेटवर्क की सुविधा कमजोर या उपलब्ध नहीं होने वाले क्षेत्रों में आपातकालीन संचार व्यवस्था प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों और दूरसंचार कंपनियों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने यात्रा के दौरान किसी भी समस्या पर तत्काल कार्रवाई के लिए व्यवस्थाओं को सक्रिय और तैयार रखने पर जोर दिया।
हेली सेवा के टिकट तय दर पर ही मिलें
मुख्यमंत्री ने हेली सेवाओं के टिकट निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। तय दर से अधिक वसूली या अनधिकृत टिकट बिक्री की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया।
🌦️ मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए हेली सेवाओं के संचालन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
14 सितंबर तक 50.56 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
बैठक में चारधाम यात्रा-2026 की स्थिति के आंकड़े भी सामने रखे गए। 14 सितंबर 2026 की शाम 7 बजे तक कुल 50,56,160 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे।
धामवार दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या:
- यमुनोत्री: 7,08,407
- गंगोत्री: 7,89,773
- श्री केदारनाथ: 14,98,544
- श्री बदरीनाथ: 17,36,619
- श्री हेमकुंड साहिब: 3,22,817
वहीं यात्रा के लिए अब तक 66,07,749 यात्रियों का पंजीकरण हो चुका है।
सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढिलाई नहीं
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी स्तर पर समझौता न हो।
उन्होंने यात्रा मार्गों और संवेदनशील स्थानों की निरंतर निगरानी करने तथा किसी भी समस्या के सामने आने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, गृह सचिव शैलेश बगौली सहित शासन, प्रशासन और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।










