देहरादून | 3 सितंबर 2026
योगगुरु बाबा रामदेव ने मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के दौरान उत्तराखंड के विकास के साथ योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक-सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान देवभूमि के साथ योग और आयुर्वेद की भूमि के तौर पर भी है। राज्य सरकार इस पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के लिए प्रयास कर रही है।
🧘 योग और आयुर्वेद से रोजगार की संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग और आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का अहम हिस्सा हैं। उत्तराखंड में इनके माध्यम से स्वास्थ्य, पर्यटन, रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
उन्होंने प्रदेश में वेलनेस, योग और आयुर्वेद आधारित पर्यटन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार इन क्षेत्रों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
🌿 उत्तराखंड को वैश्विक योग-आयुर्वेद केंद्र बनाने की चर्चा
बाबा रामदेव ने उत्तराखंड में योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा, हिमालयी वातावरण और आध्यात्मिक विरासत इसे योग एवं आयुर्वेद के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए अनुकूल बनाती है।
🏔️ आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान देने पर जोर
बैठक में उत्तराखंड की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की विशिष्ट पहचान को व्यापक स्तर पर मजबूत करने के लिए योग और आयुर्वेद जैसे क्षेत्रों को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री और बाबा रामदेव की इस मुलाकात में प्रदेश के विकास तथा योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।











