देहरादून | 25 जुलाई 2026
संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित ‘समरसता संकल्प अभियान’ की प्रदेश कार्यशाला में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के मूल्यों को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे, और इन्हें जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। 🎯
देहरादून के त्यागी रोड स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संत रविदास महाराज को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा का प्रतीक है, जिसने समाज को समानता, सामाजिक न्याय, मानवता और भाईचारे का रास्ता दिखाया।
‘जाति नहीं, कर्म और चरित्र से होती है पहचान’
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समाज में फैली ऊंच-नीच, छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण किया। उनका स्पष्ट संदेश था कि किसी भी व्यक्ति की पहचान उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके कर्म, चरित्र और विचारों से होती है।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी का प्रसिद्ध संदेश “मन चंगा तो कठौती में गंगा” आज भी लोगों को आडंबर से दूर रहकर सच्ची भक्ति, पवित्र विचार और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देता है।
‘बेगमपुरा’ का सपना आज भी समाज को देता है दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी ने ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहां किसी के साथ भेदभाव न हो, हर व्यक्ति को समान सम्मान मिले और कोई भी भूखा न रहे। उनका ‘बेगमपुरा’ का विचार आज भी एक समतामूलक, खुशहाल और न्यायपूर्ण समाज की प्रेरणा देता है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अंत्योदय की सोच को मिली मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘सबका साथ, सबका विकास’ और अंत्योदय की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों के जीवन में व्यापक बदलाव लाने का काम किया है।
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सामाजिक समानता और समान अधिकारों को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून की व्यवस्था सुनिश्चित करना और समाज में समानता, न्याय तथा सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना है।
गांव-गांव तक पहुंचे संत रविदास का संदेश
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि ‘समरसता संकल्प अभियान’ को केवल कार्यक्रम तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे जन-आंदोलन बनाया जाए। उन्होंने कहा कि गांव-गांव, मोहल्लों और चौपालों में संवाद कार्यक्रम आयोजित कर संत रविदास जी के समानता, प्रेम, भाईचारे और सामाजिक बंधुत्व के संदेश को हर व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि समाज को बांटने वाली मानसिकता का जवाब सामाजिक एकता और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से दिया जाना चाहिए। जब समाज भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होगा, तभी संत रविदास जी के समरस और खुशहाल समाज का सपना साकार होगा।
कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता एवं अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।










