हल्द्वानी | 10 सितम्बर 2026
हल्द्वानी में आयोजित ‘गौरव सेनानी मिलन एवं पूर्व सैनिक सम्मान समारोह’ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की रक्षा के लिए जीवन का महत्वपूर्ण समय समर्पित करने वाला सैनिक कभी ‘पूर्व’ नहीं होता, बल्कि जीवनभर सैनिक ही रहता है।
कार्यक्रम में कुमाऊं मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं और सैनिक परिवार शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने सैनिकों के त्याग और योगदान को नमन करते हुए राज्य सरकार की ओर से सैनिक कल्याण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी दी।
🎖️ ‘पूर्व सैनिक नहीं, अभूतपूर्व हैं हमारे सैनिक’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सैनिकों ने अपने वर्तमान की चिंता किए बिना देश के सुरक्षित भविष्य के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया है। उनके मुताबिक, सैनिक कभी पूर्व या भूतपूर्व नहीं होता, वह जीवनभर सैनिक रहता है।
उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों को ‘भूतपूर्व’ नहीं बल्कि ‘अभूतपूर्व’ कहना अधिक उचित है। उनका अनुशासन, राष्ट्रभक्ति, समर्पण और अनुभव आज भी समाज और राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक हैं।
🇮🇳 ‘मैं सैनिक का पुत्र हूं, त्याग को समझता हूं’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं एक सैनिक के पुत्र हैं और सैनिकों तथा उनके परिवारों के त्याग, अनुशासन और संघर्ष को अच्छी तरह समझते हैं।
उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरभूमि बताते हुए कहा कि विक्टोरिया क्रॉस विजेता दरबान सिंह नेगी और गबर सिंह नेगी से लेकर जनरल बी.सी. जोशी और जनरल बिपिन रावत तक प्रदेश ने देश को अनेक वीर सपूत दिए हैं।
🛡️ रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की रक्षा व्यवस्था और सैन्य क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में स्वदेशी रक्षा उपकरणों का निर्माण बढ़ा है और भारत अब रक्षा उत्पादों का निर्यात भी कर रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, नया भारत अपनी सीमाओं और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए दृढ़ता और सामर्थ्य के साथ निर्णय लेने में सक्षम है।
💰 ‘वन रैंक-वन पेंशन’ का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंबे समय से लंबित ‘वन रैंक-वन पेंशन’ की मांग को पूरा कर पूर्व सैनिकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण को प्राथमिकता देते हुए लगातार काम कर रही हैं।
🏛️ सैन्य धाम का निर्माण लगभग पूरा
मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड के वीर सैनिकों के शौर्य, त्याग और बलिदान का प्रतीक बनने के साथ भावी पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करेगा।
📋 सैनिक परिवारों के लिए राज्य सरकार के फैसले
मुख्यमंत्री ने सैनिकों और उनके परिवारों के लिए राज्य सरकार की ओर से किए गए कई फैसलों का उल्लेख किया।
- शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है।
- परमवीर चक्र विजेताओं की एकमुश्त अनुदान राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की गई है।
- बलिदानी सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में सेवायोजित करने के लिए आवेदन की समय-सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष की गई है।
- राज्य के सेवारत और पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की अचल संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों से जुड़े विषयों के त्वरित समाधान के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
📢 नितिन नवीन ने भी सैनिकों के योगदान को सराहा
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तराखंड को वीरों की भूमि बताते हुए कहा कि प्रदेश के सैनिकों ने देश की रक्षा में अतुलनीय योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना आधुनिक और सशक्त हुई है तथा भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सैनिकों के बीच जाकर उनका मनोबल बढ़ाने के प्रधानमंत्री के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
नितिन नवीन ने कहा कि सीमावर्ती गांवों को देश के ‘अंतिम गांव’ के बजाय ‘प्रथम गांव’ मानने की सोच के साथ उनके विकास को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार की सैनिक कल्याण संबंधी पहलों की भी सराहना की।
🎯 सैन्य धाम को बताया सम्मान का प्रतीक
नितिन नवीन ने कहा कि देहरादून में तैयार हो रहा सैन्य धाम उत्तराखंड के वीर सैनिकों और शहीदों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का प्रतीक बनेगा।
उन्होंने सैनिक कल्याण के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लिए गए निर्णयों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास आने वाली पीढ़ियों को सैनिकों के शौर्य और बलिदान से प्रेरणा देंगे।
👨✈️ सैनिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण, शिक्षा, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है। सैनिक कल्याण से संबंधित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने की बात भी उन्होंने कही।
👥 ये प्रमुख लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, कार्यक्रम संयोजक एवं दायित्वधारी सुरेश भट्ट, ध्रुव रौतेला, पूर्व मेयर जोगेंद्र रौतेला सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं, सैनिक परिवार, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।










