देहरादून/रामनगर | 18 जुलाई 2026
उत्तराखंड में प्रकृति संरक्षण और स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम के जरिए रामनगर के तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फांटो जोन में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान 180 प्रशिक्षित महिला एवं पुरुष नेचर गाइडों को रोजगार पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने सभी नेचर गाइडों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रमाण-पत्र केवल रोजगार का दस्तावेज नहीं, बल्कि युवाओं की मेहनत, कौशल और प्रकृति संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नेचर गाइड उत्तराखंड में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
🌱 रिवर्स पलायन की नई तस्वीर, गांवों में लौट रहा भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमाण-पत्र पाने वाले कई युवा ऐसे हैं, जिन्होंने शहर छोड़कर अपने गांव लौटने का फैसला किया है। यह केवल व्यक्तिगत सफलता की कहानी नहीं, बल्कि उत्तराखंड के गांवों में लौटते विश्वास, बढ़ते रोजगार और नई संभावनाओं का संकेत है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उसे रोजगार, स्वरोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रिवर्स पलायन से जोड़कर आगे बढ़ा रही है।
🐅 फांटो जोन बन रहा ईको-टूरिज्म का नया आकर्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि फांटो जोन आज उत्तराखंड में ईको-टूरिज्म और समुदाय आधारित पर्यटन का सफल मॉडल बनकर उभर रहा है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता, घने जंगल और वन्यजीव देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि फांटो जोन तेजी से टाइगर साइटिंग के लिए भी पहचान बना रहा है। यहां विकसित ट्री हाउस पर्यटकों को प्रकृति के बीच अनूठा अनुभव दे रहे हैं, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों की आय भी बढ़ रही है।
💼 पर्यटन से मजबूत होगी स्थानीय अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि ईको-टूरिज्म के विस्तार से केवल नेचर गाइड ही नहीं, बल्कि होमस्टे संचालक, महिला समूह, वाहन चालक, छोटे व्यापारी, स्थानीय उत्पाद निर्माता और ग्रामीण परिवार भी आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रकृति का संरक्षण भी हो और उससे जुड़े स्थानीय समुदायों का जीवन भी समृद्ध बने।
📈 44 प्रतिशत बढ़ा रिवर्स पलायन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पर्यटन के विभिन्न क्षेत्रों—होमस्टे, शीतकालीन पर्यटन, एडवेंचर टूरिज्म, ईको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, डेस्टिनेशन वेडिंग और आध्यात्मिक पर्यटन—को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह इस बात का संकेत है कि उत्तराखंड के गांव अब केवल यादों का हिस्सा नहीं, बल्कि रोजगार और विकास की नई पहचान बन रहे हैं।
🌳 “नेचर गाइड केवल गाइड नहीं, जंगलों के प्रहरी हैं”
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेचर गाइडों की जिम्मेदारी केवल पर्यटकों को जंगल दिखाने तक सीमित नहीं है। वे उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा, जैव विविधता और ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर हैं।
उन्होंने कहा कि नेचर गाइड पर्यटकों को जंगलों और वन्यजीवों से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश भी देते हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
🤝 प्रकृति संरक्षण और रोजगार को साथ लेकर आगे बढ़ने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने सभी नेचर गाइडों और प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीवों की सुरक्षा, गांवों की समृद्धि और स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ और आत्मनिर्भर राज्य बनाने का संकल्प और मजबूत होगा।
कार्यक्रम में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, नेचर गाइड तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।










