देहरादून | 13 जुलाई, 2026
उत्तराखंड की प्राकृतिक खूबसूरती और जंगलों को स्थानीय लोगों की आजीविका से जोड़ने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रदेश में इको-टूरिज्म गतिविधियों को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए कई अहम निर्देश दिए। 🌿
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। जरूरत इस बात की है कि विकास और प्रकृति संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएं। उन्होंने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा करते हुए तय समय सीमा के भीतर सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने पर जोर दिया।
अगस्त तक तैयार होगी ट्रैकिंग पॉलिसी
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तराखंड की नई ट्रैकिंग पॉलिसी को जल्द अंतिम रूप देकर अगस्त माह तक कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। इसके साथ ही प्रदेश में ट्रैकिंग के लिए नई पर्वत चोटियों को भी खोलने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया। उन्होंने सभी आवश्यक अनुमति और मंजूरी की कार्रवाई तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।
साथ ही, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को चिन्हित पर्वत चोटियों का पर्यावरणीय ऑडिट जल्द पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया।
सभी फॉरेस्ट टूरिस्ट साइट्स की बुकिंग होगी ऑनलाइन
पर्यटकों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वन विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी माउंटेनियरिंग, ट्रैकिंग साइट्स, टूरिस्ट स्पॉट और वन विश्राम गृहों की बुकिंग पूरी तरह ऑनलाइन की जाए।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से क्षमता से अधिक बुकिंग की समस्या पर नियंत्रण रहेगा और पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव मिलेगा।
अक्टूबर तक तैयार होंगी 9 नई इको-टूरिज्म साइट्स
बैठक में जबरखेत मॉडल पर विकसित की जा रही 9 इको-टूरिज्म साइट्स की समीक्षा भी की गई। मुख्य सचिव ने इन सभी परियोजनाओं का अक्टूबर तक लोकार्पण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उत्तराखंड में शुरू होगा नेचर गाइड ट्रेनिंग सेंटर
इको-टूरिज्म को पेशेवर स्वरूप देने के लिए प्रदेश में पहली बार स्थायी नेचर गाइड ट्रेनिंग सेंटर और सर्टिफिकेशन कोर्स शुरू करने की तैयारी भी तेज कर दी गई है।
मुख्य सचिव ने कहा कि भारत सरकार के निर्धारित पाठ्यक्रम के साथ स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अतिरिक्त प्रशिक्षण भी शामिल किया जाए। लक्ष्य रखा गया है कि अक्टूबर में वाइल्ड लाइफ वीक के दौरान इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हो।
इको कैम्प और इको हब संचालन की बनेगी नई योजना
बैठक में वन विश्राम गृहों और ट्रैकिंग के लिए चिन्हित 31 साइट्स पर इको कैम्प और इको हब के संचालन की योजना पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वन विभाग और वन निगम में से किसी एक एजेंसी को संचालन की जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव एक महीने के भीतर तैयार कर शासन को भेजा जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि वन निगम को और अधिक मजबूत बनाने के लिए आवश्यक प्रस्ताव जल्द प्रस्तुत किए जाएं ताकि आगे की कार्रवाई समय पर शुरू हो सके।
बैठक में वन प्रमुख (हॉफ) कपिल लाल, सचिव वन सी. रविशंकर, धीराज गर्ब्याल, पीसीसीएफ नीना ग्रेवाल, सीसीएफ इको-टूरिज्म पी.के. पात्रो, अपर सचिव हिमांशु खुराना सहित वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।










