🚆 उत्तराखंड को रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात की उम्मीद, मुख्यमंत्री धामी ने रेल मंत्री के सामने रखीं कई अहम मांगें

नई दिल्ली | 10 जुलाई 2026

उत्तराखंड में रेल नेटवर्क को मजबूत बनाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे हैं। नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से हुई मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रमुख रेल परियोजनाओं, नई रेल सेवाओं और स्टेशनों के विकास सहित कई जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। रेल मंत्री ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड देश का प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन राज्य है। चारधाम यात्रा, हरिद्वार, ऋषिकेश, बाबा नीम करौली धाम (कैंची धाम), जागेश्वर धाम और आगामी कुंभ-2027 को देखते हुए हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक राज्य पहुंचते हैं। ऐसे में आधुनिक और मजबूत रेल नेटवर्क राज्य की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है।

📍 मुंबई से उत्तराखंड के लिए नई रेल सेवाओं की मांग

मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र, विशेषकर मुंबई में बड़ी संख्या में उत्तराखंड मूल के लोग रहते हैं, जिनका अपने गृह राज्य से लगातार आवागमन बना रहता है। इसके अलावा धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर पूरे वर्ष श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है।

इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मुंबई-देहरादून वंदे भारत या सुपरफास्ट एक्सप्रेस शुरू करने का अनुरोध किया। साथ ही मुंबई-हरिद्वार और मुंबई-रामनगर रेल सेवाओं की संख्या बढ़ाने की भी मांग रखी, ताकि यात्रा सीजन और त्योहारों के दौरान यात्रियों को राहत मिल सके।

उन्होंने देहरादून-कोटा रेल सेवा को सूरत, वडोदरा और मुंबई तक विस्तारित करने तथा रामनगर-मुंबई और हरिद्वार-मुंबई रेल सेवाओं को नियमित अथवा सप्ताह में कम से कम तीन दिन संचालित करने का भी अनुरोध किया।

🚉 ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर और पुराना रेलवे स्टेशन

मुख्यमंत्री धामी ने ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन की भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) और रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) के सहयोग से प्रस्तावित ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर की मास्टर प्लानिंग पर कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना को गति देने के लिए आवश्यक औपचारिक निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया गया।

🚄 प्रमुख रेल परियोजनाओं को जल्द पूरा करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने किच्छा-सितारगंज-खटीमा नई रेल लाइन परियोजना की पूरी लागत केंद्र सरकार द्वारा वहन किए जाने, सर्वेक्षण से जुड़े किसानों की चिंताओं के समाधान तथा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर शीघ्र रेल संचालन शुरू करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से पर्वतीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और पर्यटन, व्यापार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

✅ बनबसा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को मिली सैद्धांतिक मंजूरी

मुख्यमंत्री ने टनकपुर से संचालित त्रिवेणी एक्सप्रेस, मथुरा एक्सप्रेस और दौराई एक्सप्रेस का बनबसा रेलवे स्टेशन पर अल्पकालिक ठहराव सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।

उन्होंने बताया कि बनबसा भारत-नेपाल सीमा से सटा महत्वपूर्ण व्यापारिक और सामरिक क्षेत्र है, जहां भारतीय सेना की राजपूत रेजिमेंट भी तैनात है। इस मांग पर केंद्रीय रेल मंत्री ने सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी, जिससे स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, सैनिकों और यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

🏗️ रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण और दोहरीकरण पर भी सहमति

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण के तहत रायवाला से देहरादून तक लंबित कार्य जल्द पूरा करने का आग्रह किया। इसके साथ ही हरिद्वार, हर्रावाला, देहरादून, खटीमा, लक्सर, रुड़की, टनकपुर और बनबसा रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण एवं विस्तार की मांग भी रखी।

रेल मंत्री ने इन प्रस्तावों पर भी सकारात्मक सहमति जताई।

🌿 खटीमा रेलवे फाटक दोबारा खोलने का अनुरोध

मुख्यमंत्री ने खटीमा-मझोला पीलीभीत रेलखंड के रेलवे फाटक संख्या-18C को जनहित में पुनः खोले जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि फाटक बंद होने से ग्रामीणों, किसानों और पर्यटकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही क्षेत्र में विकसित किए जा रहे क्रोकोडाइल पार्क तक पहुंच भी प्रभावित हो रही है।

इस प्रस्ताव पर भी केंद्रीय रेल मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत सभी प्रस्तावों पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सकारात्मक विचार करने और आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।