देहरादून | 10 जुलाई 2026
उत्तराखंड में स्वरोजगार, उद्यमिता और आर्थिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैंकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सिर्फ तकनीकी कारणों से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कम ऋण-जमा (Credit-Deposit) अनुपात वाले जिलों में विशेष अभियान चलाने और नियमित ऋण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
गुरुवार को सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 97वीं बैठक में मुख्यमंत्री ने बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के आर्थिक विकास में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और आम नागरिकों, किसानों, महिलाओं, युवाओं तथा उद्यमियों तक ऋण की आसान पहुंच सुनिश्चित करना सभी बैंकों की जिम्मेदारी है।
📌 कम ऋण-जमा अनुपात वाले जिलों पर जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री ने बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और टिहरी जैसे जिलों में कम ऋण-जमा अनुपात पर चिंता जताते हुए जिला प्रशासन, लीड बैंक और संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से नियमित शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें समयबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराया जाए, ताकि राज्य का ऋण-जमा अनुपात राष्ट्रीय औसत तक पहुंच सके।
किसानों, युवाओं और महिलाओं को मिले प्राथमिकता
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी भी पात्र व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी आवेदन में कोई कमी हो तो उसे सीधे निरस्त करने के बजाय संबंधित व्यक्ति को मार्गदर्शन देकर कमियां दूर कराई जाएं। उन्होंने बैंकों से लाभार्थियों के प्रति सकारात्मक और सहयोगात्मक रवैया अपनाने की अपील की।
स्वरोजगार योजनाओं को मिलेगा बैंकिंग सहयोग
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना-2.0, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना, होम-स्टे योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, पर्यटन और स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए भी बैंकिंग सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
वार्षिक ऋण योजना में बेहतर प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वार्षिक ऋण योजना के तहत लगभग 96 प्रतिशत उपलब्धि और एमएसएमई क्षेत्र में 111 प्रतिशत उपलब्धि राज्य की मजबूत आर्थिक प्रगति का संकेत है। उन्होंने कहा कि ऋण-जमा अनुपात में सुधार हुआ है, लेकिन इसे और बेहतर बनाने के लिए सभी बैंकों को समन्वय के साथ काम करना होगा।
गांव-गांव तक पहुंचे डिजिटल बैंकिंग
मुख्यमंत्री ने डिजिटल बैंकिंग और डिजिटल भुगतान को राज्य के दूरस्थ गांवों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री जनधन योजना सहित सभी वित्तीय समावेशन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सरकार और बैंक यदि मिलकर कार्य करेंगे तो रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता को नई गति मिलेगी तथा विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य को हासिल करने में तेजी आएगी।
साइबर ठगी रोकने के लिए बैंक भी जुड़ेंगे हेल्पलाइन 1930 से
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हेल्पलाइन 1930 से एसबीआई, पीएनबी, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों को जोड़ने का सुझाव दिया, ताकि साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक से पहले सब-कमेटी की नियमित बैठक आयोजित करने और स्वरोजगार, एमएसएमई, लघु उद्योग तथा औद्योगिक क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया।
बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड, विभिन्न बैंकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।










