नई दिल्ली/देहरादून | 27 अप्रैल 2026
उत्तराखंड में शुरू होने जा रही पवित्र चारधाम यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के संचालित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात कर राज्य के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की 100 प्रतिशत आपूर्ति बनाए रखने का अनुरोध किया।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की उम्मीद है। ऐसे में होटल, धर्मशाला, रेस्टोरेंट और यात्रा मार्गों पर भोजन व्यवस्था के लिए गैस सप्लाई बेहद अहम मानी जा रही है।

चारधाम यात्रा में बढ़ती है गैस की मांग

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि अप्रैल से नवंबर तक चलने वाली चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। इससे व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की मांग अचानक बढ़ जाती है।

राज्य सरकार के अनुसार, इस अवधि में उत्तराखंड को करीब 9,67,949 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता होती है। ऐसे में यदि आपूर्ति बाधित होती है तो यात्रा व्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है।

आपदा काल के लिए भी मांगा अतिरिक्त कोटा

मुख्यमंत्री धामी ने मानसून सीजन को देखते हुए एक और महत्वपूर्ण मांग रखी। उन्होंने कहा कि जून से सितंबर के बीच उत्तराखंड हर साल प्राकृतिक आपदाओं का सामना करता है। भूस्खलन, सड़क बंद होने और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में राहत कार्यों के दौरान एलपीजी सिलेंडरों की भूमिका बेहद अहम होती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने 5 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन, यानी करीब 48,397 अतिरिक्त सिलेंडर, देने का अनुरोध किया ताकि राहत और बचाव कार्य तेजी से हो सकें।

उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है चारधाम यात्रा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन आधारित है, जिसमें धार्मिक पर्यटन, तीर्थाटन और एडवेंचर टूरिज्म की बड़ी भूमिका है। चारधाम यात्रा सिर्फ आस्था का विषय नहीं, बल्कि राज्य की हजारों परिवारों की रोजी-रोटी से भी जुड़ी है।

केंद्र ने दिया सकारात्मक संकेत

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मुख्यमंत्री द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही केंद्र सरकार की ओर से उत्तराखंड के हितों के प्रति प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।

चारधाम यात्रा से पहले यह बैठक राज्य के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है। यदि मांगें मंजूर होती हैं तो यात्रा सीजन और आपदा प्रबंधन दोनों को बड़ी मजबूती मिलेगी। 🎯