देहरादून की सड़कों पर शुक्रवार को एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली… सत्ता के गलियारों से निकलकर खुद जनता के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी—और वो भी बिना किसी औपचारिकता के, सीधे शिकायत की जमीनी सच्चाई जानने।
📍 “फाइलों में नहीं, ज़मीन पर समाधान” — सीएम का सख्त संदेश
सीएम हेल्पलाइन पर आई एक आम शिकायत ने इस बार सिस्टम को आईना दिखा दिया।
देहरादून के जाखन निवासी विवेक मदान ने राजपुर रोड पर बने फुटपाथ की खराब हालत को लेकर शिकायत दर्ज की थी। मामला छोटा लग सकता था, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लिया।
शुक्रवार को समीक्षा बैठक से पहले ही सीएम धामी सीधे जाखन पहुंच गए—बिना किसी प्रोटोकॉल के शोर-शराबे के।
🎥 मोबाइल से लाइव दिखाई हकीकत, अफसरों को लगी फटकार
मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता को साथ लेकर मौके पर निरीक्षण किया और अपने मोबाइल से ही अधिकारियों को वीडियो कॉल पर फुटपाथ की बदहाल स्थिति दिखाई।
उन्होंने साफ कहा—
👉 “काम में समन्वय नहीं होगा तो जनता को ही भुगतना पड़ेगा।”
दरअसल, पहले फुटपाथ बनाया गया और बाद में यूपीसीएल द्वारा अंडरग्राउंड बिजली लाइन बिछाने के लिए उसे खोद दिया गया। लेकिन मरम्मत अधूरी रही—मिट्टी का भरान ठीक नहीं हुआ, टाइल्स धंस गईं, और कई जगह बिजली लाइन ऊपर तक नजर आ रही है। यह न सिर्फ असुविधा, बल्कि हादसे का खतरा भी बन चुका है।
⚡ “बार-बार काम, जनता परेशान और पैसा बर्बाद”
सीएम धामी ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेताया—
- योजनाएं बिना प्लानिंग के लागू होंगी तो यही हाल होगा
- बार-बार एक ही जगह काम से जनता परेशान होती है
- सरकारी धन की भी अनावश्यक बर्बादी होती है
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी तालमेल से काम करें और अधूरे कार्यों को तुरंत ठीक किया जाए।
🚶♂️ जनता से सीधा संवाद, भरोसे की तस्वीर
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय दुकानदारों और निवासियों से भी बातचीत की। लोगों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं, और सीएम ने मौके पर ही समाधान का भरोसा दिलाया।
🌐 पूरे प्रदेश में चलेगा निरीक्षण अभियान
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को निर्देश दिए कि
👉 अगर प्रदेश के किसी भी हिस्से में इस तरह की शिकायतें हैं, तो उन्हें प्राथमिकता से दूर किया जाए
👉 इसके लिए पूरे उत्तराखंड में विशेष अभियान चलाया जाए
सीएम ने संकेत दिए कि अब उनके दौरे सिर्फ औपचारिक नहीं होंगे—बल्कि हर दौरे में जमीनी हकीकत की जांच भी शामिल रहेगी।
🎯 क्यों खास है ये कदम?
- सीएम का खुद मौके पर पहुंचना सिस्टम को जवाबदेह बनाता है
- जनता में भरोसा बढ़ता है कि शिकायत सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी
- “गुड गवर्नेंस” की एक मजबूत तस्वीर सामने आती है










