खटीमा | उत्तराखंड — तराई की मिट्टी में रची-बसी थारू परंपराओं की खुशबू एक बार फिर पूरे रंग में दिखी, जब खटीमा में आयोजित थारू होली महामहोत्सव ने जनमानस को उत्साह से भर दिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थारू समाज को नमन किया और अपनी अनुपस्थिति पर खेद भी जताया।
सीएम धामी ने अपने संबोधन में कहा कि थारू समाज की संस्कृति उत्तराखंड की असली पहचान और गौरव है। उनके लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव न सिर्फ संस्कृति को जीवित रखते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम भी करते हैं।
👉 उन्होंने खास तौर पर थारू होली का जिक्र करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि कई दिनों तक चलने वाला सांस्कृतिक उत्सव है, जो पूरे समाज को एक सूत्र में बांध देता है।
🌿 “संस्कृति बचाना हम सबकी जिम्मेदारी”
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि ऐसे आयोजन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अपनी विरासत को सहेजने का जरिया हैं। उन्होंने खटीमा की जनता से अपने भावनात्मक जुड़ाव को भी साझा किया और कहा कि उनका मन हमेशा यहां के लोगों के साथ रहता है।
🚀 जनजातीय विकास पर सरकार का फोकस
सीएम धामी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि —
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आवास योजनाओं के तहत हजारों परिवारों को घर मिले
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शिक्षा और छात्रावासों का तेजी से विकास किया जा रहा है
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आईटीआई और एकलव्य स्कूलों के जरिए बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है
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रोजगार और प्रशिक्षण योजनाएं युवाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं
👩🌾 महिलाओं के लिए सशक्तिकरण की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता दे रही है।
वन धन केंद्रों के जरिए उनके उत्पादों को बाजार से जोड़कर आय बढ़ाने की दिशा में भी काम हो रहा है।
🏡 गांव-गांव तक पहुंच रही सुविधाएं
सीएम ने बताया कि सीमांत क्षेत्रों में पेयजल, बिजली और गैस कनेक्शन जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं।
साथ ही, थारू विकास भवन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।
🏹 ‘जनजातीय गौरव दिवस’ से बढ़ा सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित करना जनजातीय समाज के सम्मान को नई पहचान देता है।
🎯 “घोषणाएं नहीं, जमीन पर काम”
अपने संबोधन के अंत में सीएम धामी ने दोहराया कि सरकार सिर्फ घोषणाएं नहीं करती, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर बदलाव लाने का काम कर रही है।
उन्होंने भरोसा जताया कि जनसमर्थन के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य जरूर हासिल होगा।
👉 खटीमा का यह रंगारंग महोत्सव एक बार फिर साबित कर गया कि संस्कृति और विकास साथ-साथ चल सकते हैं — बस नीयत और प्रयास सही होने चाहिए।










