मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव के बीच देश के कई हिस्सों में गैस आपूर्ति को लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ चल रही हैं। लेकिन उत्तराखंड सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों की किसी भी तरह की कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।
इसी को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भराड़ीसैंण से एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें सभी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। बैठक में ऑयल कंपनियों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अफवाहों पर कड़ी नजर रखी जाए और कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलों में बढ़ाई गई सतर्कता 🚨
राज्य के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखें।
मुख्य सचिव ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति या समूह गैस की कमी को लेकर अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।
कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर कड़ा प्रहार
बैठक में यह भी तय किया गया कि गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, अवैध स्टॉकिंग और डायवर्जन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके लिए जिलों में नियमित छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) गठित की जाएगी, जो ऐसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करेगी।
ऑयल कंपनियों के साथ लगातार समन्वय
मुख्य सचिव ने जिलों में कार्यरत ऑयल कंपनियों और गैस एजेंसियों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में इंडियन ऑयल के स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर कृष्ण कुमार गुप्ता और स्वर्ण सिंह ने बताया कि राज्य में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य चल रही है।
अस्पताल और स्कूलों को मिलेगी प्राथमिकता 🏥🎓
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल प्राथमिकता के आधार पर अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को दी जाएगी।
जबकि होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फिलहाल सीमित आपूर्ति की जाएगी ताकि जरूरी सेवाओं में कोई बाधा न आए।
कंट्रोल रूम रहेंगे 24 घंटे सक्रिय
मुख्य सचिव ने राज्य और जिला स्तर के आपदा कंट्रोल रूम को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही जिलाधिकारियों और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को कहा गया है कि वे हर दिन प्रेस ब्रीफिंग के जरिए जनता को गैस आपूर्ति की स्थिति की जानकारी दें, ताकि अफवाहों पर रोक लगाई जा सके।
“अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा”
मुख्य सचिव ने साफ कहा कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से गैस की कमी को लेकर भ्रामक खबरें फैला सकते हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों की तुरंत पहचान कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।









