उत्तराखण्ड के शहरी विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशन में उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के प्रमुख शहरों में आधुनिक सामुदायिक केंद्र और नई आवासीय योजनाएं विकसित करने का खाका तैयार कर लिया है।
गुरुवार को आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इन फैसलों पर अंतिम मुहर लगी। बैठक में साफ संदेश दिया गया कि अब योजनाएं केवल मकान बनाने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि लोगों को बेहतर जीवनशैली और आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी।
🎯 शहरों में बनेंगे आधुनिक सामुदायिक केंद्र, आम जनता को बड़ी राहत
परिषद ने देहरादून, ऋषिकेश, रूड़की, काशीपुर समेत कई शहरों में अत्याधुनिक कम्युनिटी सेंटर बनाने का प्रस्ताव रखा है।
👉 इन केंद्रों की खासियत:
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विवाह और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए कम किराया
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आधुनिक डिजाइन और सुविधाएं
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मध्यम व निम्न आय वर्ग के लिए सुलभ विकल्प
इस पहल से लोगों को महंगे बैंक्वेट हॉल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और सामाजिक आयोजनों की लागत भी कम होगी।
🌿 चौड़ी सड़कें, पार्क और पूरी सुविधाओं वाली कॉलोनियां
नई आवासीय योजनाओं में सिर्फ घर नहीं, बल्कि पूरी जीवनशैली का ध्यान रखा जाएगा।
इन योजनाओं में शामिल होंगे:
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चौड़ी और व्यवस्थित सड़कें
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हरित पार्क और ओपन स्पेस
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सामुदायिक केंद्र
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आधुनिक आधारभूत सुविधाएं
हरिद्वार, रूड़की, काशीपुर, जसपुर और अल्मोड़ा में भूखंड व मकानों के आवंटन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
⚡ श्रीनगर और जसपुर परियोजनाएं होंगी प्राथमिकता पर
बैठक में श्रीनगर और जसपुर आवास योजनाओं को प्राथमिकता देने का फैसला हुआ। इन क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर और किफायती विकल्प मिल सकें।
🏗️ लैंड पूलिंग मॉडल से होगा सुनियोजित विकास
बैठक में उत्तर प्रदेश की तर्ज पर लैंड पूलिंग मॉडल लागू करने पर भी चर्चा हुई।
👉 इससे होंगे बड़े फायदे:
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अवैध प्लॉटिंग पर रोक
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भूमि मालिकों की सहभागिता
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योजनाबद्ध और पारदर्शी विकास
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बड़े पैमाने पर आवास निर्माण संभव
✅ “मकान नहीं, बेहतर जीवन देना है लक्ष्य”
आवास आयुक्त डॉ. राजेश कुमार ने स्पष्ट कहा कि परिषद का लक्ष्य सिर्फ घर बनाना नहीं बल्कि नागरिकों को सम्मानजनक और सुविधायुक्त जीवन देना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।









