नई दिल्ली | तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर भारत ने एक बार फिर मानवता-केंद्रित सोच का संदेश दिया है। गुरुवार को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के प्लेनरी सेशन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुनिया के नेताओं को संबोधित करते हुए कहा — “एआई शक्ति का नहीं, सेवा और सशक्तिकरण का माध्यम बनना चाहिए।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि AI का भविष्य तभी सुरक्षित होगा, जब इसमें मानवीय मूल्यों, नैतिकता और वैश्विक सहयोग को केंद्र में रखा जाएगा।
🌍 “डिसरप्शन को अवसर में बदलने का समय”
प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है — इंसान ने हर तकनीकी बदलाव को अवसर में बदला है और AI भी ऐसा ही मौका लेकर आया है।
उन्होंने कहा कि हमें मिलकर ऐसा रोडमैप तैयार करना होगा, जिससे AI का प्रभाव मानवता के हित में दिखाई दे।
👉 पीएम ने बुद्ध के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा:
“सही समझ से ही सही कार्रवाई जन्म लेती है — यही AI के भविष्य की कुंजी है।”
💻 कोविड काल में दिखा टेक्नोलॉजी का असली सामर्थ्य
प्रधानमंत्री ने महामारी के समय भारत की डिजिटल ताकत का उदाहरण देते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी ने करोड़ों लोगों की जिंदगी बचाने में मदद की।
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डिजिटल वैक्सीनेशन प्लेटफॉर्म से तेज टीकाकरण
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UPI से डिजिटल भुगतान आसान
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डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर ने डिजिटल डिवाइड कम किया
उन्होंने कहा — “भारत टेक्नोलॉजी को ताकत नहीं, सेवा का माध्यम मानता है।”
⚖️ एआई के लिए तीन बड़े वैश्विक सुझाव
प्रधानमंत्री ने AI के सुरक्षित और नैतिक उपयोग के लिए तीन अहम सुझाव दिए —
1️⃣ ग्लोबल ट्रस्टेड डेटा फ्रेमवर्क
डेटा की सुरक्षा और संतुलन जरूरी — “Garbage in, garbage out” का सिद्धांत AI पर भी लागू।
2️⃣ पारदर्शी AI सिस्टम
ब्लैक बॉक्स की जगह “ग्लास बॉक्स” मॉडल — ताकि जवाबदेही तय हो सके।
3️⃣ मानव मूल्यों की स्पष्ट दिशा
AI शक्तिशाली है, लेकिन दिशा हमेशा इंसान तय करेगा।
🚀 भारत बन रहा AI शक्ति केंद्र
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत AI के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
👉 प्रमुख उपलब्धियां:
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38,000 GPUs उपलब्ध
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24,000 नए GPUs जल्द
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7500+ डेटासेट साझा
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270 AI मॉडल राष्ट्रीय संसाधन के रूप में उपलब्ध
उन्होंने कहा कि भारत AI को “साझा वैश्विक संसाधन” के रूप में देखता है।
🤝 ग्लोबल साउथ की आवाज़ को केंद्र में रखने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि AI गवर्नेंस में विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को शामिल करना जरूरी है, ताकि टेक्नोलॉजी सबके लिए सुलभ और समान अवसर देने वाली बने।
🎯 मानवता के हित में AI — भारत का स्पष्ट विज़न
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा —
“जब टेक्नोलॉजी और मानव विश्वास साथ चलते हैं, तभी AI का सही प्रभाव दुनिया पर दिखेगा।”










