उत्तरकाशी | पहाड़ के दूरदराज गांवों में जब सरकारी अफसर खुद लोगों के बीच पहुंचें और मौके पर ही समस्याओं का समाधान हो जाए — तो यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भरोसे की नई शुरुआत बन जाता है। गुरुवार को चिन्यालीसौड़ में कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत आयोजित शिविर का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया, ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और अधिकारियों की मौजूदगी में कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान कराया। इससे लोगों के चेहरों पर साफ राहत और संतोष दिखा।
🏔️ गांव-गांव पहुंच रही सरकार, लोगों को मिल रही राहत
सीएम धामी ने कहा कि इस अभियान ने प्रशासन को जनता के करीब ला दिया है और व्यवस्था अधिक पारदर्शी व सुलभ बनी है।
👉 अब तक
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600 से अधिक शिविर आयोजित
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5 लाख से ज्यादा लोग जुड़े
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40 हजार से अधिक लोगों को योजनाओं का सीधा लाभ मिला
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीणों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय तक न जाना पड़े — समाधान अब उनके दरवाजे पर ही मिलेगा।
✈️ चिन्यालीसौड़ और गौचर से शुरू होगी हेली सेवा
मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टियों से जल्द हेली सेवा शुरू की जाएगी, जिसका संचालन सेना के माध्यम से होगा।
उन्होंने बताया कि आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
👩🌾 महिला सशक्तिकरण में उत्तराखंड बना मिसाल
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है।
👉 अब तक
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2 लाख से अधिक “लखपति दीदी” सशक्त हुईं
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महिलाओं के उत्पादों की देश-दुनिया में बढ़ी मांग
उन्होंने कहा कि सरकार “वोकल फॉर लोकल” के जरिए स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
🏥 स्थानीय मांगों पर भी मिला भरोसा
कार्यक्रम में ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने चिन्यालीसौड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और महाविद्यालय के उच्चीकरण को सीएम घोषणाओं में शामिल करने का आश्वासन दिया।
मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन ने कहा कि अभियान के तहत संयुक्त टीमें बनाकर गांव-स्तर पर ही समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और शेष मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
🎯 प्रशासन को जनता के करीब लाने की पहल
यह कार्यक्रम सिर्फ सरकारी योजनाओं का प्रचार नहीं, बल्कि प्रशासन को जनता के दरवाजे तक पहुंचाने की पहल बनता जा रहा है — जिससे पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिल रही है।










