देहरादून से बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए दीपम सेठ के निर्देश पर पुलिस ने राज्यव्यापी सघन सत्यापन अभियान शुरू कर दिया है। यह अभियान पूरे उत्तराखंड में थाना, चौकी और सर्किल स्तर पर चलाया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक इस मुहिम का मकसद है — संदिग्ध गतिविधियों पर रोक, अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान और नागरिकों को सुरक्षित माहौल देना।
🎯 किन-किन जगहों पर होगी सख्त जांच
पुलिस के इस बड़े अभियान में कई संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों को खास तौर पर चिन्हित किया गया है।
👉 मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट, किराये के मकान, पीजी और होम-स्टे
👉 होटल, गेस्ट हाउस, आश्रम और धर्मशालाएं
👉 इंडस्ट्रियल एरिया और ठेकेदार श्रमिक
👉 जिम, स्पा सेंटर और कोचिंग संस्थान
साथ ही होम डिलीवरी एजेंट, ई-कॉमर्स स्टाफ, कैब चालक और सिक्योरिटी एजेंसी कर्मियों का भी अनिवार्य सत्यापन किया जाएगा।
⚖️ अवैध विदेशी नागरिकों पर होगी कड़ी कार्रवाई
पुलिस ने साफ किया है कि अभियान के दौरान वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी रह रहे विदेशी नागरिकों, अवैध घुसपैठियों और संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों को चिन्हित कर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए आधुनिक तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा डाटाबेस — NATGRID, CCTNS और ICJS — का इस्तेमाल किया जाएगा।
📹 CCTV और सुरक्षा इंतजाम भी होंगे जांच के दायरे में
राज्यभर में मॉल, स्कूल, यूनिवर्सिटी, ट्रांसपोर्ट एजेंसी, सैलून और अन्य प्रतिष्ठानों में लगे हाई-रेजोल्यूशन CCTV कैमरों की भी जांच होगी।
सुरक्षा कर्मियों का चरित्र सत्यापन और आवश्यक सुरक्षा ब्रीफिंग भी अभियान का हिस्सा रहेगा।
👵 वरिष्ठ नागरिक और अकेले रहने वालों की सुरक्षा पर खास ध्यान
पुलिस ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में अकेले रहने वाले लोगों और वरिष्ठ नागरिकों की पहचान कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया जाए। उनके घरेलू सहायकों और ड्राइवरों का सत्यापन भी अनिवार्य किया जाएगा।
🛡️ “भयमुक्त वातावरण हमारी प्राथमिकता”
उत्तराखंड पुलिस के अनुसार यह अभियान महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
डीजीपी ने स्पष्ट कहा कि पूरे अभियान की लगातार निगरानी होगी और हर स्तर पर जवाबदेही तय की गई है।









