महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में न्यायिक व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया। मुख्यमंत्री ने खटीमा सिविल न्यायालय परिसर में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से बने नए अधिवक्ता चैम्बर का फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर लोकार्पण किया।
इस मौके पर पूरा माहौल उत्साह और आस्था से भरा नजर आया। अधिवक्ताओं ने इसे न्यायिक कार्यों को आसान और तेज बनाने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।
🎯 न्यायिक व्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नया चैम्बर केवल एक भवन नहीं, बल्कि विधिक अध्ययन, संवाद और न्यायिक विमर्श का सशक्त केंद्र बनेगा। इससे अधिवक्ताओं को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा और न्यायिक प्रक्रियाएं अधिक सुगम होंगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में न्याय प्रणाली को पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।
⚖️ पुराने कानूनों की जगह आधुनिक न्याय प्रणाली
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्षों पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को हटाकर भारतीय न्याय संहिता 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू करना देश के लिए ऐतिहासिक बदलाव है।
उन्होंने ई-कोर्ट्स प्रोजेक्ट, डिजिटल केस मैनेजमेंट, ऑनलाइन सुनवाई, फास्ट ट्रैक कोर्ट और महिला-बाल अपराधों के त्वरित निपटारे जैसे कदमों को न्याय व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन बताया।
📍 खटीमा के विकास का दोहराया संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देशभर में हजारों कोर्ट और आवासीय इकाइयों का निर्माण हुआ है। इसी तर्ज पर उत्तराखंड में भी न्याय व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
उन्होंने घोषणा की कि अधिवक्ताओं के लिए 20 नए चैम्बर बनाने हेतु 2 करोड़ 50 लाख रुपये दिए जाएंगे।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।









