देहरादून | 12 फरवरी 2026
उत्तराखंड में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार ने अब और सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में साफ शब्दों में कहा — “प्रदेश में कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा।”
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराधियों पर तुरंत मुकदमे दर्ज कर कठोर और परिणामोन्मुखी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।
⚖️ अपराधियों पर कड़ी निगरानी और तुरंत कार्रवाई के आदेश
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आदतन और संगठित अपराध में शामिल तत्वों पर सख्त निगरानी रखने को कहा।
👉 ऐसे अपराधियों की पहचान कर विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई
👉 अपराधों पर तुरंत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
👉 हर स्तर पर जवाबदेही तय करने की हिदायत
उन्होंने कहा कि कानून का भय स्थापित होना जरूरी है, तभी समाज में शांति कायम रह सकती है।
🚓 संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी गश्त
मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिए कि:
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संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए
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थानों और चौकियों की कार्यप्रणाली मजबूत की जाए
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शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं
❌ “कानून हाथ में लेने वालों को नहीं बख्शा जाएगा”
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट संदेश दिया कि असामाजिक तत्वों और शांति भंग करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार “अपराध मुक्त उत्तराखंड” के संकल्प के साथ काम कर रही है और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
🛡️ जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाना जरूरी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सिर्फ निर्देश नहीं, बल्कि जमीन पर परिणाम दिखने चाहिए।
उन्होंने कानून व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने और जवाबदेही तय करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।










