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🌊 मानसून से पहले अलर्ट मोड में धामी सरकार
⛰️ नदियों की सुरक्षा, भूजल रिचार्ज और वनाग्नि रोकथाम पर सीएम का सख़्त संदेश
देहरादून | [तारीख: शुक्रवार]
उत्तराखंड में मानसून की दस्तक से पहले ही मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड में आने के निर्देश दे दिए हैं। शुक्रवार को सचिवालय में सिंचाई परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने रिवर प्रोटेक्शन, डीसिल्टिंग और बाढ़ सुरक्षा कार्यों को समय से पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के मौसम में बाढ़ की संभावनाओं को हल्के में लेना राज्य के लिए भारी पड़ सकता है। ऐसे में नदियों की सफाई, तट सुरक्षा और जल निकासी से जुड़े सभी कार्य मानसून से पहले हर हाल में पूरे हों।
💧 708 चेक डैम, 419 रिचार्ज शॉफ्ट — भूजल के लिए संजीवनी
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि लघु सिंचाई विभाग द्वारा जल संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। राज्य में अब तक 708 चेक डैम बनाए जा चुके हैं।
वहीं ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और हरिद्वार जिलों में 419 रिचार्ज शॉफ्ट स्थापित किए गए हैं, जिससे हर साल करीब 108.94 करोड़ लीटर भूजल रिचार्ज होने की उम्मीद है। यह पहल पहाड़ी और मैदानी इलाकों में जल संकट से निपटने में अहम साबित होगी।
🌲 जंगल, जल स्रोत और धाराओं की सुरक्षा पर फोकस
अधिकारियों ने बताया कि 09 वन प्रभागों में पेयजल विभाग और सारा के सहयोग से 14 जल स्रोतों के उपचार का कार्य जारी है। इसके साथ ही कैम्पा योजना के अंतर्गत विभिन्न वन प्रभागों में 247 जल धाराओं का उपचार किया जा रहा है, ताकि प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित किया जा सके।
🔥 वनाग्नि को लेकर अभी से सख़्ती
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने वन विभाग को वनाग्नि रोकथाम के लिए अभी से पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन, आधुनिक उपकरण और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली हर स्तर पर तैयार होनी चाहिए।
सीएम ने साफ कहा कि वन पंचायतों और जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों के साथ नियमित समन्वय बेहद ज़रूरी है। जंगलों की रक्षा में योगदान देने वालों को प्रोत्साहित किया जाए, फायर लाइन की समय रहते सफाई हो और वनभूमि पर हो रहे अतिक्रमण को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, युगल किशोर पंत सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।










