📜 ऋषिकेश से उठी सनातन चेतना की गूंज: ‘कल्याण’ पत्रिका के शताब्दी अंक का ऐतिहासिक विमोचन 🎯
गीता प्रेस के मंच से संस्कृति, राष्ट्र और चरित्र निर्माण का संदेश—केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की ऐतिहासिक यात्रा की सराहना
ऋषिकेश की पावन भूमि एक बार फिर साक्षी बनी सनातन परंपरा और राष्ट्र चेतना के संगम की। गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा आयोजित गरिमामयी कार्यक्रम में दृढ़ इच्छाशक्ति के प्रतीक और कुशल रणनीतिकार केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में मासिक पत्रिका ‘कल्याण’ के शताब्दी अंक और आरोग्यांक (गुजराती संस्करण) का विधिवत विमोचन किया गया। मंच पर पूज्य संतगणों की उपस्थिति ने इस अवसर को और भी दिव्य बना दिया।
🕉️ ‘कल्याण’—सिर्फ पत्रिका नहीं, एक युगद्रष्टा विचारधारा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री अमित शाह ने कहा कि ‘कल्याण’ ने केवल धर्म का प्रचार नहीं किया, बल्कि राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक चेतना और चरित्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।
उन्होंने कहा—
“स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आधुनिक भारत तक, ‘कल्याण’ ने सनातन विचारधारा की मशाल को बुझने नहीं दिया। यह पत्रिका समय के साथ बदली नहीं, बल्कि समय को दिशा देती रही।”
उनके शब्दों में ‘कल्याण’ भारतीय समाज की आत्मा का दर्पण है—जो पीढ़ी दर पीढ़ी मूल्यों को संजोती आई है।
📚 गीता प्रेस—एक प्रकाशन नहीं, सांस्कृतिक स्तंभ
गीता प्रेस, गोरखपुर आज केवल एक प्रकाशन संस्था नहीं, बल्कि हिंदू धार्मिक साहित्य के प्रसार का सामाजिक और सांस्कृतिक स्तंभ बन चुकी है। लाखों घरों तक धर्मग्रंथों, पत्रिकाओं और संस्कारों की पहुंच बनाकर इस संस्था ने भारतीय चेतना को जीवंत रखा है।
🤝 गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाया आयोजन का गौरव
इस ऐतिहासिक अवसर पर माननीय सांसद श्री अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, विधायक श्री उमेश शर्मा ‘काऊ’, श्रीमती रेणु बिष्ट सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे। सभी ने ‘कल्याण’ पत्रिका के शताब्दी वर्ष को भारतीय सांस्कृतिक इतिहास का मील का पत्थर बताया।









