उत्तराखंड में राजस्व सेवाओं की डिजिटल क्रांति, अब घर बैठे मिलेगी सत्यापित खतौनी

🏔️ उत्तराखंड में राजस्व सेवाओं की डिजिटल क्रांति

अब खतौनी से लेकर भूमि नक्शा तक — सब कुछ मोबाइल पर 📱

देहरादून | शनिवार

उत्तराखंड में अब ज़मीन से जुड़े कामों के लिए तहसील के चक्कर लगाने की मजबूरी इतिहास बनने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास, देहरादून से राजस्व विभाग से जुड़े 6 अत्याधुनिक वेब पोर्टलों का शुभारंभ कर प्रदेश को डिजिटल प्रशासन की नई दिशा दी।

इन पोर्टलों के ज़रिये अब सत्यापित खतौनी, भूमि नक्शा, भू-अनुमति, एग्री लोन और राजस्व वसूली जैसी अहम सेवाएं घर बैठे मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध होंगी। 🎯

🔹 कौन-कौन से पोर्टल हुए लॉन्च?

राजस्व परिषद द्वारा विकसित इन 6 वेब एप्लीकेशनों में शामिल हैं—

  • ई-भूलेख (अपडेटेड वर्जन)

  • भू-नक्शा पोर्टल

  • भूलेख अंश पोर्टल

  • भू-अनुमति पोर्टल

  • एग्री लोन पोर्टल

  • ई-वसूली (ई-RCS) पोर्टल

🗣️ मुख्यमंत्री का संदेश: “सरलीकरण, समाधान और निस्तारण”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया की परिकल्पना के अनुरूप उत्तराखंड में विज्ञान, आईटी और एआई के ज़रिये आमजन को अधिक से अधिक सुविधा दी जा रही है।

उन्होंने कहा—

“इन पोर्टलों से नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। अब समय और संसाधनों की बचत होगी, और लोगों को सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।”

📄 अब खतौनी मिलेगी ऑनलाइन, सत्यापित और भुगतान के साथ

ई-भूलेख पोर्टल के तहत अब खतौनी की सत्यापित प्रति तहसील कार्यालय जाए बिना, ऑनलाइन भुगतान कर सीधे मोबाइल या कंप्यूटर से प्राप्त की जा सकेगी। पहले जहां इसके लिए लोगों को लंबी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था, अब यह सुविधा पूरी तरह डिजिटल हो गई है।

🌾 किसानों और उद्योगों को बड़ी राहत

  • भू-अनुमति पोर्टल से भूमि उपयोग व भूमि क्रय की अनुमति अब पूरी तरह ऑनलाइन

  • एग्री लोन पोर्टल से किसान सीधे पोर्टल पर ऋण आवेदन कर सकेंगे

  • ऋण चुकाने के बाद बैंक की NOC जारी होते ही चार्ज अपने-आप रिमूव हो जाएगा

  • भू-नक्शा पोर्टल पर भूमि मानचित्र (कैडस्ट्रल मैप) अब सार्वजनिक डोमेन में निःशुल्क उपलब्ध

📊 पारदर्शिता और ईज़ ऑफ लिविंग की ओर बड़ा कदम

ई-वसूली पोर्टल के माध्यम से राजस्व वसूली की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है, जहां हर स्तर पर ट्रैकिंग संभव होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल Ease of Doing Business के साथ-साथ Ease of Living को भी मजबूती देगी।

👥 प्रदेशभर से अधिकारी जुड़े वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, सचिव राजस्व श्री एस.एन. पांडेय, आयुक्त राजस्व परिषद श्रीमती रंजना राजगुरु सहित एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी और सभी जिलों के डीएम, मंडल आयुक्त एवं तहसीली अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।