देवभूमि उत्तराखंड में सेवा, संवेदना और मानवीय मूल्यों को नई पहचान मिली जब मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय रेडक्रास सोसाइटी की आजीवन सदस्यता ग्रहण की। यह केवल एक औपचारिक कदम नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में मानवता के साथ खड़े रहने का स्पष्ट संदेश था।
इस अवसर पर भारतीय रेडक्रास सोसाइटी की राज्य मैनेजिंग कमेटी ने महासचिव श्री जे.एन. नौटियाल एवं चेयरमैन श्री ओंकार बहुगुणा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास पर शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात का माहौल आत्मीय था और चर्चा का केंद्र—सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता। 🎯
मुख्यमंत्री धामी ने रेडक्रास द्वारा मानवता की सेवा, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जब हालात कठिन होते हैं और समय सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है, तब जरूरतमंदों तक त्वरित सहायता पहुँचाने में रेडक्रास की भूमिका भरोसे की तरह सामने आती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रेडक्रास की गतिविधियाँ उत्तराखंड में केवल राहत तक सीमित न रहें, बल्कि और अधिक व्यापक, सशक्त और प्रभावी बनें। राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और सामाजिक संस्थाओं के समन्वय से ही मानवीय सेवा को नई ऊँचाइयों तक ले जाया जा सकता है।
उत्तराखंड की भौगोलिक संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य आपदा-संवेदनशील है, ऐसे में रेडक्रास जैसी संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से आह्वान किया कि वे सेवा कार्यों से जुड़ें और संकट की घड़ी में एक-दूसरे का सहारा बनें—क्योंकि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
इस अवसर पर भारतीय रेडक्रास सोसाइटी की मैनेजिंग कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष श्री सतीश पिंगल और रेडक्रास के ब्रांड एंबेसडर श्री मनीष कसनियाल भी उपस्थित रहे।










