📍 गौचर (चमोली) |
देवभूमि की पर्वतीय घाटियों के बीच बसे गौचर में आज किसान केवल श्रोता नहीं, बल्कि बदलाव के साक्षी बने। खेत-खलिहान, बाग-बगीचे और पहाड़ की जिद को सम्मान देते हुए राज्य स्तरीय किसान दिवस का आयोजन हुआ, जिसने उत्तराखंड के कृषि भविष्य की नई इबारत लिख दी। 🌾🎯
इस ऐतिहासिक मौके पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी ने किसानों के मन में भरोसे और उम्मीद की नई रोशनी जगा दी।
🌱 किसानों के नाम ऐतिहासिक सौगातें
कार्यक्रम के दौरान मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत 88 हजार किसानों के खातों में 65 करोड़ 12 लाख रुपये सीधे डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर किए गए। यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं थी, बल्कि किसान की मेहनत को दिया गया सम्मान था।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने उत्तराखंड के लिए कई बड़ी घोषणाएं कर मंच से साफ संदेश दिया कि पहाड़ का किसान अब प्राथमिकता में है—
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🔬 मुक्तेश्वर में 100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ की स्थापना
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🐗 जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा के लिए घेरबाड़ योजना में 90 करोड़ का अतिरिक्त बजट
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🥝 उत्तराखंड में कीवी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, न्यूजीलैंड के सहयोग से
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🛣️ पीएमजीएसवाई-4 के तहत 309 बसावटों को जोड़ने के लिए 1228.2 किमी सड़कें, जिन पर 1706.94 करोड़ रुपये खर्च होंगे
इन स्वीकृतियों से जुड़े पत्र केंद्रीय मंत्री ने स्वयं मुख्यमंत्री को सौंपे, जो पहाड़ के दूरस्थ गांवों के लिए विकास की नई राह खोलेंगे।
🌸 मेले में दिखा आत्मनिर्भर उत्तराखंड
किसान दिवस सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा। विभागीय स्टॉल, महिला स्वयं सहायता समूहों की मेहनत, और स्थानीय उत्पादों की खुशबू ने मेले को जीवंत बना दिया।
खेती-बागवानी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को ‘किसान भूषण पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया, वहीं रिवर्स पलायन कर खेती को अपनाने वालों को विशेष सम्मान मिला—यह संदेश साफ था कि गांव लौटना अब गर्व की बात है।
🗣️ “पहाड़ का किसान देश की ताकत बनेगा” – शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड को फल-सब्जी उत्पादन की वैश्विक पहचान दिलाने के लिए काम कर रही हैं।
उन्होंने उत्तराखंड के माल्टा, कीवी, सेब और नींबू वर्गीय फलों की जमकर सराहना करते हुए कहा कि इन्हें देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
उन्होंने साफ कहा कि—
“कम जमीन के बावजूद उत्तराखंड में कृषि उत्पादन बढ़ रहा है, यह यहां की नीतियों और किसानों की मेहनत का प्रमाण है।”
🌄 “किसानों का उत्थान ही उत्तराखंड का भविष्य” – मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह को नमन करते हुए कहा कि किसान स्वाभिमान और राष्ट्र निर्माण की रीढ़ हैं।
उन्होंने बताया कि—
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3 लाख रुपये तक ब्याजमुक्त कृषि ऋण
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80% तक सब्सिडी पर कृषि उपकरण
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नहरों से मुफ्त सिंचाई
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200 करोड़ का पॉलीहाउस प्रावधान
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गेहूं पर बोनस और गन्ने की बढ़ी कीमत
जैसी योजनाओं से राज्य में कृषि ने ऐतिहासिक छलांग लगाई है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ लेकर “विकसित भारत संकल्प 2047” को साकार करें।
🤝 किसान दिवस अब हर महीने
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने घोषणा की कि किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान और संवाद के लिए हर माह के दूसरे बृहस्पतिवार को किसान दिवस मनाया जाएगा।









