सीएम धामी का बच्चों से संवाद, बोले—2047 का भारत आज के संकल्प से बनेगा

सरस्वती शिशु मंदिर, ताड़ीखेत का प्रांगण आज कुछ अलग ही ऊर्जा से भरा रहा। किताबों के बीच बैठे नन्हे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और आंखों में उत्सुकता थी, क्योंकि उनके बीच पहुंचे थे मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया—बिल्कुल परिवार के किसी बड़े की तरह—और बच्चों को सपने देखने के साथ-साथ उन्हें पूरा करने की सीख दी। 🎯📚

मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर छात्र-छात्राओं में खास उत्साह देखने को मिला। उन्होंने स्नेहपूर्वक बच्चों का अभिवादन करते हुए कहा, “आप ही उत्तराखंड नहीं, पूरे भारत का भविष्य हैं।”


🇮🇳 “2047 का भारत आज के बच्चों के संकल्प से बनेगा”

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए वर्ष 2047 का उल्लेख किया—वह वर्ष, जब भारत आज़ादी के 100 साल पूरे करेगा।
उन्होंने कहा कि “विकसित भारत 2047” किसी एक सरकार की योजना नहीं, बल्कि आज की पूरी पीढ़ी का साझा सपना और संकल्प है। जब 2047 आएगा, तब देश की कमान आज इन्हीं बच्चों के हाथों में होगी।


⏰ अनुशासन और समय ही सफलता की कुंजी

संवाद को सहज और रोचक बनाते हुए मुख्यमंत्री ने बच्चों से उनके स्कूल आने-जाने की दिनचर्या पूछी। मुस्कराते हुए उन्होंने समझाया कि अनुशासन और समय का सही उपयोग ही जीवन में आगे बढ़ने की सबसे मजबूत सीढ़ी है।
उन्होंने कहा कि जो बच्चा समय का मूल्य समझ लेता है, वही आगे चलकर नेतृत्व करता है।


🥗 स्वस्थ शरीर, मजबूत मन

मुख्यमंत्री ने बच्चों को पौष्टिक भोजन और अच्छे स्वास्थ्य का महत्व भी समझाया।
उन्होंने संतुलित आहार लेने, नियमित खेलकूद करने और मोबाइल से दूर रहकर मैदान से जुड़ने का संदेश दिया, ताकि शरीर और मन—दोनों स्वस्थ रह सकें। ⚽🏃


➕ राष्ट्रीय गणित दिवस की याद

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज का दिन इसलिए भी खास है क्योंकि आज महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती है, जिसे राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है।
उन्होंने शिक्षा को व्यक्ति, समाज और राज्य के सर्वांगीण विकास की सबसे मजबूत नींव बताते हुए बच्चों से खूब पढ़ने, खूब खेलने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।


🏔️ पहाड़ के बच्चे, मजबूत इरादे

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ के बच्चे कठिन परिस्थितियों में पलकर संघर्ष करना सीखते हैं, और यही संघर्ष उन्हें आगे बढ़ने की विशेष ताकत देता है।
उन्होंने बच्चों को लक्ष्य तय करने, अच्छे नागरिक बनने और अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाने का संदेश दिया।

साथ ही उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों पर बात करते हुए बच्चों से नशा-मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को मजबूत करने की अपील की। 🚫


🌺 जड़ों से जुड़े रहो, ऊँचाइयों तक पहुंचो

संवाद के अंत में मुख्यमंत्री ने बच्चों से अपनी भाषा, बोली और संस्कृति पर गर्व करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “जो अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है, वही ऊँचाइयों तक पहुंचता है।”

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि वर्ष 2047 में उत्तराखंड का हर बच्चा देश को दिशा देने वाला नागरिक बनेगा। मेहनत, ईमानदारी और बड़े सपने देखने का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार हर कदम पर बच्चों के साथ खड़ी है। 🌟