नई दिल्ली | 16 दिसंबर 2025 🇮🇳
🇮🇳 विजय दिवस के पावन अवसर पर देश एक बार फिर उन वीर सपूतों को नमन कर रहा है, जिनके अदम्य साहस
और सर्वोच्च बलिदान ने वर्ष 1971 में 🇮🇳 भारत को ऐतिहासिक विजय दिलाई। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी
ने विजय दिवस पर देश के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके शौर्य, संकल्प और निस्वार्थ सेवा को स्मरण
किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 1971 का युद्ध केवल एक सैन्य विजय नहीं था, बल्कि यह भारत की आत्मशक्ति, एकता
और पराक्रम का प्रतीक है। उन्होंने उन जवानों को याद किया, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी
और 🇮🇳 भारत के इतिहास में गौरव का स्वर्णिम अध्याय लिखा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 🇮🇳 भारतीय सैनिकों का दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति उनकी निस्वार्थ भावना आने वाली
पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि विजय दिवस हमें यह याद दिलाता है कि भारत की
सीमाओं की रक्षा करने वाले जवान केवल सैनिक नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा के प्रहरी हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि आज का दिन उन शूरवीरों की बेमिसाल वीरता को नमन करने का अवसर है,
जिनकी बदौलत भारत सुरक्षित है और जिनका साहस हर भारतीय के मन में गर्व और सम्मान का भाव जगाता है।
उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे सैनिकों के त्याग और बलिदान को केवल स्मरण तक सीमित न रखें,
बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन कर उनके सपनों का भारत बनाने में योगदान दें।










