देहरादून | दिसंबर 2025 🎯
उत्तराखंड की 25 वर्षों की विकास यात्रा, सुशासन और भविष्य की दिशा पर केंद्रित विमर्श उस समय और गहराया, जब मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित होटल हयात सेंट्रिक में न्यूज़ 18 द्वारा आयोजित ‘डायमण्ड स्टेट समिट’ में शिरकत की। संवाद सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की अब तक की उपलब्धियों के साथ-साथ आने वाले 25 वर्षों की स्पष्ट और दूरदर्शी रूपरेखा प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ हर उत्तराखंडवासी के लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का क्षण है। उन्होंने इसे अपने लिए सौभाग्य बताया कि इस ऐतिहासिक पड़ाव पर उन्हें राज्य की सेवा का अवसर मिला। “हमारा संकल्प है कि अगले 25 वर्षों में उत्तराखंड को देश के सबसे प्रगतिशील और समृद्ध राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जाए,” मुख्यमंत्री ने कहा।
‘उत्तराखंड का दशक’ साकार करने की दिशा में ठोस कदम 🚀
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन—“21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा”—का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में 30 से अधिक नई नीतियाँ लागू की गई हैं। इसके परिणामस्वरूप नीति आयोग के SDG इंडेक्स में उत्तराखंड को पहला स्थान, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में Achievers और स्टार्टअप रैंकिंग में Leaders श्रेणी में स्थान मिला है, जो राज्य की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।
संवेदनशील शासन, मजबूत निर्णय ⚖️
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मुख्यसेवक के रूप में उनका निरंतर प्रयास रहा है कि शासन में संवेदनशीलता और निर्णयों में दृढ़ता का संतुलन बना रहे।
यूसीसी: सामाजिक न्याय और समान अधिकारों की दिशा में ऐतिहासिक कदम
समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू किए जाने को मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और समान अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप है और इसका उद्देश्य किसी वर्ग या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि विशेष रूप से महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान देना है। इस प्रक्रिया में व्यापक संवाद, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक समरसता का विशेष ध्यान रखा गया है।
देवभूमि की पहचान और डेमोग्राफी का संरक्षण 🛕
जबरन धर्मांतरण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने सरकार की नीति को स्पष्ट और सख्त बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और इसकी सांस्कृतिक पहचान व डेमोग्राफी का संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दृष्टि से राज्य में सशक्त धर्मांतरण रोधी कानून लागू किया गया है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण: लोकतंत्र की मजबूती का आधार 🗳️
मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को एक संवैधानिक और नियमित प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य लोकतंत्र को और अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी व विश्वसनीय बनाना है। सीमावर्ती और संवेदनशील राज्य होने के कारण मतदाता सूची का शुद्ध होना राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक मजबूती—दोनों के लिए आवश्यक है।
डबल इंजन सरकार से तेज़ विकास 🛣️
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है।
चारधाम परियोजना, ऑल वेदर रोड और रेल परियोजनाएं राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे रही हैं।
अवैध कब्जों पर सख्ती, कानून के तहत कार्रवाई
लैंड जिहाद और अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि कानून के दायरे में प्रशासनिक प्रक्रिया है।
G-20, राष्ट्रीय खेल और निवेश से नई पहचान 🌍
मुख्यमंत्री ने G-20 बैठकों और राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। इससे उत्तराखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।
निवेश के क्षेत्र में उन्होंने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से हुए एमओयू में से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की ग्राउंडिंग हो चुकी है, जो पर्यटन, उद्योग, आईटी, फार्मा, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर में रोजगार सृजन और पलायन रोकने में सहायक सिद्ध होगी।










