देहरादून। मुख्य सेवक सदन में आयोजित “सोशल मीडिया मंथन” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने
सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स से देवभूमि के हित में अपनी डिजिटल ताकत इस्तेमाल करने की अपील की।
सीएम ने कहा कि आज रील, स्टोरी और पोस्ट ही लोगों की नई हेडलाइन बन गई हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि कंटेंट में
उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों, स्थानीय उत्पादों, सांस्कृतिक धरोहरों और सामाजिक उपलब्धियों को खास जगह दी
जाए, ताकि “ब्रांड उत्तराखंड” की पहचान मजबूत हो सके। 🎯
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से सोशल मीडिया आज जनभागीदारी और डिजिटल गवर्नेंस
का बड़ा माध्यम बना है, जहाँ एक ट्वीट या पोस्ट से कई बार किसी की जान बची है, इलाज शुरू हुआ है, पेंशन बहाल
हुई है या सड़क की मरम्मत तक हुई है।
साथ ही मुख्यमंत्री ने चेताया कि फेक न्यूज़, अफवाह और नकारात्मक नैरेटिव समाज और राज्य के लिए गंभीर ख़तरा हैं।
कुछ तत्व धर्म-विरोधी व राष्ट्र-विरोधी सोच के साथ भ्रामक प्रचार कर आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को नुकसान
पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे समय में कंटेंट क्रिएटर्स की जिम्मेदारी है कि वे:
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पहले फैक्ट-चेक करें,
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फिर सच्ची जानकारी लोगों तक पहुँचाएं,
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और फर्जी नैरेटिव का तर्क और तथ्य से जवाब दें।
उन्होंने कहा कि व्यूज़ और फॉलोअर्स की दौड़ में नैतिक जिम्मेदारी को भूलना खतरनाक है। राज्य सरकार जब से
देवभूमि की मूल पहचान की रक्षा के लिए कड़े कदम उठा रही है, तब से कुछ समूह फर्जी अकाउंट से फेक नैरेटिव
गढ़ने में लगे हैं। ऐसे में जरूरी है कि जिम्मेदार सोशल मीडिया वॉरियर आगे आएं और उत्तराखंड की सही छवि दुनिया के
सामने रखें।
इस मौके पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।










