गंदगी देख भड़के सीएम धामी, खुद उठाई झाड़ू – अधिकारियों को सख्त अल्टीमेटम 🎯
देहरादून। सचिवालय से सीधे अचानक आईएसबीटी देहरादून पहुँचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ संदेश दे दिया – “स्वच्छता कागज़ों पर नहीं, ज़मीन पर नज़र आनी चाहिए।” औचक निरीक्षण के दौरान गंदगी और अव्यवस्थाएँ देखकर सीएम नाराज़ दिखे और इतना ही नहीं, उन्होंने खुद झाड़ू उठाकर सफाई की, जिसके बाद पूरा प्रशासनिक तंत्र एक्टिव मोड में आ गया।
अचानक पहुंचे सीएम, अफसरों में हड़कंप
दोपहर के समय बिना पूर्व सूचना के मुख्यमंत्री धामी सीधे आईएसबीटी परिसर पहुँच गए। जैसे ही खबर फैली कि सीएम खुद बस अड्डे पर हैं, परिवहन विभाग और एमडीडीए के अधिकारियों में हलचल तेज हो गई।
सीएम ने:
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प्लेटफॉर्म क्षेत्रों
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यात्रियों के प्रतीक्षालय
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टिकट काउंटर
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शौचालय
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दुकानों के आस-पास
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पार्किंग व अंदरूनी मार्गों
की बारीकी से जांच की और साफ–सफाई से लेकर यात्रियों की सुविधा तक हर बिंदु पर सवाल किए।
गंदगी पर सीधा ऐक्शन: “ये बर्दाश्त नहीं होगा”
निरीक्षण के दौरान जगह–जगह फैली गंदगी, कूड़ा और धूल देखकर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि:
“आईएसबीटी जैसा महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान, जहां रोज़ हजारों यात्री आते–जाते हैं, वहाँ स्वच्छता पर ज़रा भी समझौता नहीं होगा।”
इसके बाद उन्होंने खुद झाड़ू उठाकर सफाई की और अधिकारियों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि
“स्वच्छता अभियान फोटो सेशन नहीं, जमीनी हकीकत होना चाहिए।” 🎯
एमडीडीए और परिवहन विभाग को सीधे निर्देश
सीएम धामी ने मौके पर मौजूद परिवहन विभाग और मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि –
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आईएसबीटी में नियमित साफ–सफाई की ठोस व्यवस्था की जाए
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हर ज़ोन में स्वच्छता संबंधी बोर्ड और सूचना-पट लगाए जाएँ
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यात्रियों को कचरा, धूल और धुएँ से मुक्त वातावरण मिले, इसकी जिम्मेदारी तय हो
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गंदगी और अव्यवस्था के लिए फिक्स जवाबदेही तय की जाए
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी को विशेष रूप से निर्देश दिया गया कि
आईएसबीटी की स्वच्छता और व्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना बनाकर तुरंत लागू की जाए।
यात्रियों से सीधे बातचीत, फीडबैक से ही बनेगा रोडमैप
मुख्यमंत्री ने बस अड्डे पर मौजूद यात्रियों से भी सीधे संवाद किया। उन्होंने यात्रियों से पूछा –
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सफर के दौरान क्या–क्या दिक्कतें आती हैं?
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शौचालय, पेयजल और बैठने की व्यवस्था कैसी है?
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सुरक्षा, सूचना व टिकटिंग में क्या सुधार चाहिए?
सीएम ने कहा कि,
“यात्रियों के अनुभव और सुझाव ही असली रिपोर्ट कार्ड हैं। इन्हीं के आधार पर हम व्यवस्थाओं में सुधार लाएँगे।”
उत्तराखंड का चेहरा–मोरचा हैं बस अड्डे और स्टेशन
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि उत्तराखंड पर्यटन और तीर्थाटन का प्रमुख राज्य है।
उन्होंने कहा:
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हर साल लाखों–करोड़ों पर्यटक और श्रद्धालु यहाँ आते हैं
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बस अड्डे, रेलवे स्टेशन और ट्रांजिट पॉइंट ही राज्य की पहली झलक बनते हैं
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अगर यहीं पर गंदगी और अव्यवस्था दिखे तो राज्य की छवि पर गलत असर पड़ता है
इसीलिए उन्होंने साफ कहा कि बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और प्रमुख परिवहन केंद्रों पर उच्चस्तरीय स्वच्छता, सुरक्षा और यात्री सुविधा राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
प्रदेशव्यापी स्वच्छता अभियान की तैयारी
मुख्यमंत्री धामी ने घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही पूरे प्रदेश में जनसहभागिता आधारित व्यापक स्वच्छता अभियान शुरू करने जा रही है।
इस अभियान में –
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स्थानीय निकाय
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विभागीय टीमें
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सामाजिक संगठन
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युवाओं और आम नागरिकों
सबको जोड़ा जाएगा, ताकि स्वच्छता सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं, जन–आंदोलन बन सके।
सख्त चेतावनी: “अगली बार सब दुरुस्त न मिले तो कार्रवाई तय”
निरीक्षण के अंत में सीएम धामी ने अधिकारियों को साफ चेतावनी दी:
“अगली बार जब मैं आईएसबीटी आऊँगा तो व्यवस्थाएँ पूरी तरह दुरुस्त दिखनी चाहिए। अगर फिर भी गड़बड़ी मिली तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने अलग–अलग विभागों के बीच बेहतर कॉर्डिनेशन, समय–सीमा में सुधार कार्य और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष ज़ोर दिया।
निरीक्षण के दौरान परिवहन विभाग व एमडीडीए के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और मौके पर ही कई निर्देशों का नोट लेते दिखे।










