📰 लाल क़िला के पास कार धमाका: दिल्ली दहली, 11 की मौत – जांच एजेंसियां सतर्क मोड में 🚨

नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली सोमवार शाम उस वक़्त दहल उठी जब लाल क़िला मेट्रो स्टेशन के पास अचानक एक कार में

भीषण धमाका हुआ। तेज़ आवाज़ और धुएं के गुबार ने पूरे इलाके में अफरातफरी मचा दी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक,

इस हादसे में कम से कम 8 लोगों की मौत हुई है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना शाम करीब 6 बजकर 50 मिनट पर हुई जब एक सफेद कार ट्रैफिक सिग्नल पर खड़ी थी।

अचानक जोरदार धमाका हुआ और कुछ ही सेकंड में आग की लपटों ने आसपास की दो गाड़ियों और एक ऑटो रिक्शा को

अपनी चपेट में ले लिया। आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में भगदड़ मच गई।

दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोयल ने बताया कि विस्फोट का केंद्र वही कार थी। पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक टीम और

बम निरोधक दस्ते को बुलाया है। प्रारंभिक जांच में अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑयल (ANFO) जैसे विस्फोटक के इस्तेमाल की

आशंका जताई जा रही है।

धमाके के बाद दिल्ली, हरियाणा, और उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को जांच की जिम्मेदारी सौंप दी है। प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने भी पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि “दोषियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं

जाएगा।”

घटना स्थल से सीसीटीवी फुटेज भी बरामद किए गए हैं, जिनमें एक व्यक्ति को कार के पास कुछ मिनट पहले घूमते

हुए देखा गया है। जांच एजेंसियां फुटेज की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।

धमाके के बाद स्थानीय नागरिकों ने राहत-बचाव कार्य में पुलिस की मदद की। घायलों को एलएनजेपी और अरुणा आसफ़

अली अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को ₹5 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की है।

एक चश्मदीद दुकानदार ने बताया — “हम बस अपने स्टॉल समेट रहे थे, तभी अचानक ऐसा लगा जैसे ज़मीन हिल गई हो।

धुएं में कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। सब लोग चीख रहे थे।”

फिलहाल पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को सील कर दिया है और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की टीम मौके पर तैनात है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह आतंकी साजिश थी या किसी तकनीकी खराबी से हुआ विस्फोट।

दिल्ली की यह घटना फिर एक बार सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील स्थलों की निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।