📰 मुख्यमंत्री ने 142 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण किया, शहीदों को दी श्रद्धांजलि, आंदोलनकारियों का किया सम्मान 🎖️

गैरसैंण | उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) सोमवार

को विकास और सम्मान की भावनाओं से सराबोर रही। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा परिसर में आयोजित

इस ऐतिहासिक समारोह में राज्य आंदोलन के शहीदों को नमन किया और आंदोलनकारियों को सम्मानित कर उनका हौसला

बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने ₹142.25 करोड़ की 60 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिससे गढ़वाल

के इस हृदय स्थल में नई विकास लहर दौड़ने जा रही है। 🌄

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “यह पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि उन सपनों की याद है जिन्होंने हमें उत्तराखंड दिया।” उन्होंने राज्य

आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सरकार उनके बलिदान को हर नीति में साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

समारोह में आईटीबीपी, आईआरबी, एनसीसी और महिला आरक्षियों ने शानदार रैतिक परेड प्रस्तुत की, जिसे देख पूरा परिसर

गर्व से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास प्रदर्शनियों का भी

अवलोकन किया। शिक्षा, खेल, कृषि और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को भी सम्मानित किया गया।

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मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तराखंड को दी गई ₹8,200 करोड़ की विकास

परियोजनाएं राज्य के भविष्य को नई दिशा देंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को “विश्व की आध्यात्मिक

राजधानी” बनाने के मिशन पर कार्यरत है। केदारखंड और मानसखंड के पौराणिक मंदिरों का पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण इस

दिशा में अहम कदम हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को भी श्रद्धापूर्वक याद किया, जिन्होंने उत्तराखंड राज्य की

स्थापना के साथ विशेष औद्योगिक पैकेज देकर राज्य को मजबूत नींव दी थी।

उन्होंने बताया कि गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी मॉडल पर विकसित किया जा रहा है और इसके लिए मास्टर

प्लान की डीपीआर तैयार कर ली गई है। साथ ही चौखुटिया, ज्योतिर्मठ और घनशाली को उड़ान योजना से जोड़ने की घोषणा

भी की गई।

राज्य के विकास पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सख्त भू-कानून और नकल विरोधी कानून लागू कर पारदर्शिता को

प्राथमिकता दी गई है। राज्य में बेरोजगारी दर 4.4% कम हुई है, किसानों की आय बढ़ी है और उत्तराखंड को सतत विकास

सूचकांक में देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि “लोकल टू ग्लोबल” के प्रधानमंत्री के मंत्र को साकार करते हुए राज्य में पर्यटन, तीर्थाटन और स्थानीय उत्पादों

को नई पहचान दी जा रही है। “मंदिर माला मिशन, एक जिला एक मेला और साहसिक पर्यटन” जैसी योजनाएं राज्य की

अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई दे रही हैं।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायकगण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और हजारों की संख्या में स्थानीय

नागरिक उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल विकास का प्रतीक बना, बल्कि उत्तराखंड की आत्मा—संघर्ष, संस्कृति और

समर्पण—का सशक्त संदेश भी दे गया। 💫