🎉 देवभूमि के रजत उत्सव में गूंजा उत्तराखंड गौरव — मुख्यमंत्री धामी ने किया राज्य आंदोलनकारियों और मातृशक्ति को नमन

हरिद्वार की पावन धरती पर आज “देवभूमि रजत उत्सव 2025” के मंच से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जब राज्य आंदोलनकारियों और मातृशक्ति को नमन किया, तो पूरा पंडाल गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह उत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि उन अनगिनत आत्माओं को भावांजलि देने का अवसर है जिन्होंने उत्तराखंड राज्य के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया।”

💫 कठिनाइयों से चमक तक का 25 वर्षों का सफर

मुख्यमंत्री धामी ने याद दिलाया कि जब वर्ष 2000 में उत्तराखंड अस्तित्व में आया, तब यह राज्य सीमित संसाधनों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से घिरा हुआ था। लेकिन देवभूमि के लोगों में वह अडिग विश्वास था जिसने असंभव को संभव बना दिया। “आज जब हम 25 वर्ष पीछे मुड़कर देखते हैं, तो गर्व होता है कि हमने न केवल चुनौतियों से लड़ाई लड़ी, बल्कि विकास के नए मानक भी स्थापित किए,” उन्होंने कहा।

🌄 संस्कृति, परंपरा और विकास का संगम

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी प्रकृति के साथ-साथ उसकी संस्कृति और आस्था से है। “देवभूमि रजत उत्सव हमारी गौरवशाली विरासत का प्रतीक है, जो बताता है कि उत्तराखंड परंपरा और प्रगति दोनों का संगम है,” उन्होंने कहा।
कार्यक्रम में प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने इस संदेश को और भी प्रभावशाली बना दिया कि यह राज्य अपनी जड़ों से जुड़कर ही भविष्य की उड़ान भर रहा है।

🏡 गांव से शहर तक — विकास का नया अध्याय

धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है — गांवों से लेकर शहरों तक, किसानों से लेकर युवाओं तक, मातृशक्ति से लेकर श्रमशक्ति तक।
शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी में तेजी से काम हो रहा है।
“लोकल फॉर वोकल”, “मेक इन इंडिया” और “स्टार्टअप इंडिया” जैसी पहलों के ज़रिए विकसित उत्तराखंड की दिशा तय की जा रही है।

⚖️ कठोर लेकिन जनहित में निर्णय

मुख्यमंत्री ने अपने चार साल के कार्यकाल में लिए गए कठोर निर्णयों को जनहित का बताया।
उन्होंने धर्मांतरण विरोधी, दंगारोधी, लव जिहाद, लैंड जिहाद और नकल विरोधी कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि “ज़ीरो टॉलरेंस” नीति के तहत भ्रष्टाचार पर सख़्त कार्रवाई जारी है।
समान नागरिक संहिता और ऑपरेशन कालनेमि जैसे कदमों को उन्होंने समाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक बताया।

🏗️ हरिद्वार बनेगा विश्वस्तरीय शहर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हरिद्वार के सर्वांगीण विकास के लिए 186 करोड़ की सीवरेज परियोजना, 187 करोड़ की पेयजल योजना, मेडिकल कॉलेज निर्माण, लालढांग में मॉडल डिग्री कॉलेज और हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर जैसी योजनाएं चल रही हैं।
उन्होंने कहा, “हम हरिद्वार को काशी विश्वनाथ और महाकाल कॉरिडोर की तरह दिव्य और भव्य रूप देने के लिए संकल्पित हैं।”
हरकी पैड़ी से माँ चंडी देवी तक रोपवे निर्माण और हेली सेवाओं के लिए हेलीपोर्ट की योजना भी तय हो चुकी है।

🚫 “कुंभ 2027” के निर्माण में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री ने 2027 कुंभ की तैयारियों को लेकर साफ कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही या घटिया निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
“अधिकारियों और ठेकेदारों को चेतावनी है — गुणवत्तापूर्ण निर्माण करें, वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें,” उन्होंने सख़्त लहजे में कहा।

🤖 जब एआई रोबोट ने सुनाई “डिजिटल इंडिया” की कहानी

कार्यक्रम का आकर्षण तब और बढ़ गया जब एक आधुनिक AI रोबोट ने मंच से “डिजिटल इंडिया” की सफलता गाथा सुनाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए डिजिटल परिवर्तन की कहानी ने दर्शकों को गर्व और उत्साह से भर दिया।
तालियों की गड़गड़ाहट ने साबित कर दिया कि उत्तराखंड परंपरा के साथ टेक्नोलॉजी की नई उड़ान भी भर रहा है।

कार्यक्रम में हरिद्वार और रुड़की के मेयरों से लेकर विधायकों, पूर्व मंत्रियों, अधिकारियों और सैकड़ों नागरिकों ने भाग लिया।
हर चेहरे पर उत्तराखंड की उपलब्धियों का गर्व झलक रहा था। 🌸