🕉️ गोवर्धन पूजा पर मुख्यमंत्री धामी ने की गौमाता की आराधना, बोले – “गौसेवा ही सनातन संस्कृति की आत्मा है” 🐄

मुख्यमंत्री आवास स्थित गौशाला बुधवार को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। दीपों की लौ, घंटियों की मधुर ध्वनि और हवन की सुगंध के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौमाता की विधिवत पूजा-अर्चना की 🙏। उन्होंने प्रदेशवासियों की खुशहाली, समृद्धि और जनकल्याण की कामना करते हुए कहा — “गौसेवा सिर्फ धार्मिक कर्म नहीं, बल्कि जीवन का आशीर्वाद है।”

🌾 “गाय हमारी संस्कृति और आत्मनिर्भरता की प्रतीक”

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि गोवर्धन पूजा हमें प्रकृति के संरक्षण और मानव व पशु के मधुर संबंधों की याद दिलाती है।
उन्होंने कहा, “हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। वह हमारी सनातन संस्कृति और कृषि जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उनके आशीर्वाद से ही हमारी धरती पर समृद्धि और संतुलन कायम रहता है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गाय पालन और गो-सेवा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह आजीविका और आत्मनिर्भरता का भी माध्यम है। “कई परिवारों की रोटी-रोज़ी गोसेवा से जुड़ी है। ऐसे में गाय की रक्षा और सेवा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है,” उन्होंने कहा।

🏡 गौ संरक्षण के लिए सरकार की ठोस पहल

सीएम धामी ने बताया कि राज्य सरकार निराश्रित गोवंश की सेवा और सुरक्षा के लिए कई योजनाएँ चला रही है। पहले जहां प्रति पशु प्रतिदिन केवल ₹5 दिए जाते थे, वहीं अब इसे बढ़ाकर ₹80 प्रति पशु प्रतिदिन कर दिया गया है — यानी 16 गुना वृद्धि।

उन्होंने बताया कि निजी स्तर पर गौशालाएँ बनाने वालों को राज्य सरकार 60% तक सब्सिडी दे रही है। “वर्तमान में प्रदेश में करीब 54 गौ सदनों का निर्माण कार्य जारी है और हम चाहते हैं कि आने वाले समय में हर जिले में पर्याप्त गौशालाएँ हों,” सीएम ने कहा।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की — “आइए, हम सब मिलकर अपनी गौमाता की सेवा और संरक्षण का संकल्प लें। यही हमारी संस्कृति, पर्यावरण और मानवता के प्रति सच्ची श्रद्धा होगी।”