देहरादून, शुक्रवार — दून विश्वविद्यालय आज उस समय तालियों से गूंज उठा जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इंडियन एसोसिएशन ऑफ सोशल साइंस इंस्टीट्यूशंस (IASSI) के 24वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। सामाजिक विज्ञान के इस महत्वपूर्ण मंच पर देश-विदेश के प्रख्यात विद्वान एक छत के नीचे जुटे हैं, ताकि समाज, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और तकनीकी विकास के संतुलन पर ठोस विमर्श हो सके।
🎙️ मुख्यमंत्री धामी ने कहा— “यह सम्मेलन केवल विचारों का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि आने वाले भारत की दिशा तय करने वाला संवाद है।” उन्होंने बताया कि विभिन्न सत्रों में सामाजिक कल्याण, कृषि, उद्योग, नगरीकरण और रोजगार जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी, जिससे नीति निर्माण में नए दृष्टिकोण जुड़ेंगे और जनता तक वास्तविक बदलाव पहुंचेगा।
🌱 “सबका साथ, सबका विकास” से आगे बढ़ता नया भारत
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को याद करते हुए कहा कि बीते 11 वर्षों में भारत ने ‘अंतिम व्यक्ति तक विकास’ पहुंचाने का संकल्प निभाया है।
उन्होंने कहा— “जन-धन योजना से लेकर आयुष्मान भारत तक, करोड़ों लोगों के जीवन में सुधार आया है। उज्ज्वला, आवास और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं ने न केवल सामाजिक ढांचा मजबूत किया, बल्कि देश की आत्मा को भी निखारा है।”
🌍 उत्तराखंड बना रहा सतत विकास की मिसाल
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर पति-पत्नी दोनों को लाभ देने का निर्णय, और मासिक भुगतान व्यवस्था शुरू करना सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा— “हम इकोनॉमी और इकोलॉजी के संतुलन को बनाए रखते हुए, उत्तराखंड को एक सस्टेनेबल डेवलपमेंट मॉडल स्टेट बनाना चाहते हैं।” इसके लिए राज्य सरकार ने त्रि-स्तंभीय एवं नौ-सूत्रीय नीति लागू की है, जो विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी से जोड़ती है।
🤝 नवाचार और साझेदारी से आगे बढ़ता उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य ने टाटा ट्रस्ट, नैस्कॉम, और वाधवानी फाउंडेशन के साथ तीन महत्वपूर्ण समझौते किए हैं।
इनके माध्यम से जल प्रबंधन, हरित ऊर्जा, टेलीमेडिसिन, और ग्रामीण आजीविका जैसे क्षेत्रों में काम हो रहा है।
वहीं, युवाओं के लिए एआई, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा और जनरेटिव एआई जैसे आधुनिक कौशलों पर प्रशिक्षण चल रहा है।
उन्होंने कहा— “उत्तराखंड को हम टेक्नोलॉजी और ट्रांसफॉर्मेशन के संगम से आगे ले जाएंगे।”
🏆 नीति आयोग ने दी बड़ी मान्यता
मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि नीति आयोग ने सतत विकास के लक्ष्यों को पाने में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान पर रखा है।
उन्होंने कहा— “यह सम्मान केवल सरकार का नहीं, बल्कि हर उस नागरिक का है जो ईमानदारी से अपने राज्य के लिए काम कर रहा है।”










